चंपत राय ने मानी ‘नैतिक जिम्मेदारी’, बोले- भरोसे का मिला ऐसा सिला

अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी (Ram Mandir Donation Case) मामले की जांच अब अपने सबसे संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने पुलिस और एसआईटी (SIT) के सामने अपना पक्ष रखा है। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने जांच अधिकारियों के सामने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि चढ़ावे की व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसकी नैतिक जिम्मेदारी उन्हीं की थी।

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भरोसे में मिले धोखे का दर्द भी बयां किया। आइए जानते हैं कि चंपत राय ने पुलिस के सामने कौन से बड़े खुलासे किए और अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है।

पूछताछ के दौरान जब चंपत राय से मुख्य आरोपियों की भूमिका को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का जिक्र किया।

  • भरोसे का फायदा उठाया: चंपत राय ने बताया कि टिन्नू यादव काफी लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था। उस पर ट्रस्ट के लोगों को पूरा भरोसा था।
  • उम्मीद नहीं थी: उन्होंने कहा कि टिन्नू इस तरह की घिनौनी हरकत में शामिल हो जाएगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
  • तत्काल की कार्रवाई: चंपत राय ने साफ किया कि जैसे ही उन्हें इस कथित हेराफेरी की भनक लगी, वे तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने न सिर्फ संदिग्धों की पहचान कराई, बल्कि उन्हें पकड़वाने में पुलिस का सहयोग कर 25 जून को पहली FIR भी दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने ट्रस्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कड़े सवाल पूछे। पुलिस का सवाल था कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को काम पर कैसे रखा गया? इस पर चंपत राय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा

“यह फैसला मेरा व्यक्तिगत नहीं था। जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्हें यह अवसर दिया गया था। इस निर्णय में ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों, जैसे डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की भी अहम भूमिका थी।”

फिलहाल, एसआईटी (SIT) और स्थानीय पुलिस चंपत राय के इस बयान का मिलान अन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों से कर रही है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

इस मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। सोमवार को कोर्ट ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब इन सभी की अगली कोर्ट पेशी 13 जुलाई को होगी।

छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद? गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने इन आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग और सामग्रियां लगी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लाखों रुपये का कैश (नकद)
  • कीमती ज्वैलरी (सोने-चांदी के आभूषण)
  • चढ़ावे और बैंक खातों से जुड़े कई संदिग्ध कागजात

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