Sunday - 7 January 2024 - 6:08 AM

हर तरफ गूंज रहा ‘प्रेरणा ऐप’ का विरोध, शिक्षकों में निराशा, सुनेगा कौन

जुबिली पोस्ट ब्यूरो

लखनऊ। यूपी में योगी सरकार द्वारा लागू किया गया ‘प्रेरणा ऐप’ का आदेश कतई उचित नहीं है। प्रेरणा ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यालयों की मॉनिटरिंग किया जाना कतई व्यवहारिक नहीं है क्योंकि सरकार विद्यालय द्वारा प्रेरणा ऐप को संचालित करने हेतु ना तो कोई एंड्राइड मोबाइल और ना ही रिचार्ज नेट की व्यवस्था की गई है।

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साथ ही दूर ग्रामीण अंचलों में स्थित विद्यालयों में निरंतर नेटवर्क भी नहीं मिलता। ऐसे में प्रदेश के शिक्षकों के ऊपर यह कार्य थोपना न्याय संगत नहीं है। इसके लिए शिक्षक संघ लगातार विरोध कर रहा है।

आपको बता दे की बेसिक स्कूलों में गुणवत्ता, संसाधनों और शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बुधवार से प्रेरणा तकनीकी फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को शाम 4 बजे आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में इसकी शुरुआत करेंगे।

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इसके साथ ही शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अनुचरों की छुट्टियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। छुट्टी लेने के लिए इन्हें ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। 30 सितंबर तक यह व्यवस्था ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में रहेगी। 1 अक्टूबर से इसे पूरी तरह ऑनलाइन ही स्वीकार किया जाएगा।

ऑनलाइन व्यवस्था में छुट्टियों की मंजूरी की भी समय सीमा तय की गई है। आकस्मिक अवकाश (CL) की स्थिति में सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुचर प्रेरणा ऐप के जरिए आवेदन करेंगे। 4 दिन से अधिक की सीएल है तो बीईओ उसको मंजूरी देंगे।

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अगर एकल विद्यालय है तो ऑनलाइन आवेदन के दिन ही बीईओ को एकल विद्यालय में किसी शिक्षक की व्यवस्था करनी होगी। जैसे ही यह जानकारी वह अपलोड करेंगे, उन्हें अवकाश स्वीकृत करना होगा। अगर वह स्वीकृत नहीं करते हैं तो भी एक दिन बाद इसे स्वीकृत मान लिया जाएगा। ये कुछ खास मामले है जिनको लेकर विरोध के स्वर उठे है।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बैठक कर शासन द्वारा लागू किए गए ‘प्रेरणा ऐप’ के माध्यम से प्रदेश के शिक्षकों की उपस्थिति संबंधी आदेश वापस लिए जाने पर चर्चा पहले ही की थी। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली की मांग, शिक्षकों को न्यूनतम वेतन 17,140 व 18,150 किए जाने का शासनादेश जल्दी जारी किए जाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यापक परिचर्चा हो चुकी है।

अगर जल्दी ही शिक्षक समस्याओं के समाधान ना होने तथा प्रेरणा ऐप संबंधी निर्गत आदेश को विभाग व सरकार द्वारा वापस नहीं लिया गया तो, प्रदेश का शिक्षक 4 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन करेगा। शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस ले वरना प्रदेश का शिक्षक सड़कों पर उतर कर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर है।

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कायाकल्प से लेकर समीक्षा तक ऑनलाइन

स्कूलों में आधारभूत संसाधनों की उपलब्धता व आवश्यकता इसकी भी जानकारी प्रेरणा ऐप के जरिए ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसमें पानी, फर्श, ब्लैकबोर्ड, टॉयलेट, हैंड वॉश, रैंप, रेलिंग, बाउंड्री, डिवलेपमेंट प्लान, बिजली, साबुन, सफाई, खेल-कूद का मैदान, फर्नीचर आदि की जानकारी शामिल है।

इसके आधार पर कायाकल्य योजना के तहत सभी कमियां दूर की जाएंगी। जिला व ब्लॉक स्तरीय टास्कफोर्स भी हर महीने स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट भी प्रेरणा ऐप के जरिए ही ऑनलाइन देगी। महीने में कम से कम 5 स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य होगा।

ऐप का हो रहा जोरदार विरोध

प्रेरणा ऐप संबंधी निर्गत आदेश को विभाग व सरकार द्वारा वापस नहीं लिया गया तो, प्रदेश का शिक्षक 4 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन करेगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार/ बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निरंतर प्रदेश के शिक्षकों के कार्य एवं व्यवहार पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जाना, न्याय उचित नहीं है।

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प्रदेश में विद्यालयों के संविलियन के नाम पर हजारों पद समाप्त किए जा रहे हैं। केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार महंगाई भत्ता को छोड़कर कोई भी भत्ता प्रदेश के शिक्षकों को प्राप्त नहीं हो रहा है। प्रदेश के शिक्षकों की तमाम समस्याएं आज शासन में लंबित हैं, उनका समाधान नहीं किया जा रहा है।

प्रेरणा ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यालयों की मॉनिटरिंग किया जाना, व्यवहारिक व उचित नहीं है, क्योंकि सरकार विद्यालय द्वारा प्रेरणा ऐप को संचालित करने हेतु ना तो कोई एंड्राइड मोबाइल फोन और ना ही रिचार्ज नेट की व्यवस्था की गई है। साथ ही दूर ग्रामीण अंचलों में स्थित विद्यालयों में निरंतर नेटवर्क भी नहीं मिलता, ऐसे में प्रदेश के शिक्षकों के ऊपर यह कार्य थोपना न्याय संगत नहीं है। सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस ले वरना प्रदेश का शिक्षक सड़कों पर उतर कर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

सुशील कुमार पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

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