Wednesday - 1 February 2023 - 1:49 PM

…तो इस तरह से बन सकती है महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार

न्यूज़ डेस्क

महाराष्ट्र में सियासी घमशान लगातार जारी है। बीजेपी के सरकार न बना पाने के फैसले के बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन सोमवार तक के दिए गये समय में शिवसेना इस दावे को पेश नहीं कर पाया। और महाराष्ट्र में सरकार नहीं बन सकी।

ऐसे में अब राज्यपाल ने एनसीपी को न्योता दिया है। अगर एनसीपी भी सरकार बनाने का दावा नहीं पेश कर सकी तो महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी। संविधान विशेषज्ञों के अनुसार अगर ऐसा होता है तो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के सामने कुछ विकल्प हो सकते है। जिससे वो महाराष्ट्र की सियासी घमासान को रोक सकते है।

इस तरह से बन सकती है बीजेपी की सरकार

महाराष्ट्र को जब तक नया मुख्यमंत्री नहीं मिल जाता तब तक राज्यपाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले देवेंद्र फड़नवीस को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बना सकते हैं। संविधान के तहत ऐसा जरूरी नहीं है कि मुख्यमंत्री का कार्यकाल विधानसभा के साथ ही खत्म हो जाए।

इसके अलावा राज्यपाल सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी के किसी नेता को सीएम बना सकते हैं। ऐसे में बीजेपी का सीएम एक बार फिर बन सकता है। हालांकि, सीएम बनने के बाद बीजेपी को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। फिलहाल जो हालात हैं उसमें लगता नहीं कि बीजेपी ऐसा कर पाएगी।

राज्यपाल महाराष्ट्र विधानसभा को अपने नेता का चुनाव करने को कह सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के आधार पर ऐसा किया जा सकता है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 1998 में यूपी विधानसभा में ऐसा करने का आदेश दिया था।

आखिरी विकल्प राष्ट्रपति शासन

इन तीनों विकल्पों के बाद भी अगर कोई सरकार नहीं बनती है तो राज्यपाल के सामने राष्ट्रपति शासन लगाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं होगा। इस स्थिति में राज्य की बागडोर केंद्र सरकार के हाथ में रहेगी। राज्य में स्थितियां को देख कर ऐसा कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति शासन लगने की प्रबल संभावना है।

राज्यपाल ने राकांपा को किया आमंत्रित

गौरतलब है कि राज्यपाल ने राकांपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. लेकिन कांग्रेस के 44 और राकांपा के 54 विधायकों को मिलाकर संख्या 98 ही होती है। जबकि बहुमत सिद्ध करने के लिए 145 विधायकों की जरूरत होती है। जाहिर है, अब राकांपा सरकार बनाना चाहे तो उसे शिवसेना के 56 विधायकों की जरूरत पड़ेगी।

अब देखना यह है कि कांग्रेस-राकांपा के समर्थन पत्र नहीं पहुंचने के कारण राजभवन से खुद खाली हाथ लौटी शिवसेना राकांपा-कांग्रेस को सरकार बनाने में मदद करेगी या नहीं।

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