लालू यादव ने ढूंढ ली बिहार में मोदी की काट?

 जुबिली न्यूज डेस्क

अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को ‘कार्यकर्ता संवाद’ कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीणों से बातचीत कर केंद्र सरकार की ‘जनविरोधी नीतियों’ के बारे में लोगों को जागरूक करना है। इसके साथ ही बिहार सरकार की ओर से जनता के हित में किए गए कामों और राज्य सरकार की ‘उपलब्धियों’ के बारे में बताना भी है।

‘कार्यकर्ता संवाद’ का पहला चरण 12 जनवरी तक चलेगा। इस चरण में राजद ने राज्य के 13 जिलों को कवर करने की योजना बनाई है। शेष जिलों को 16 जनवरी से शुरू होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे चरण में कवर किया जाएगा। राजद के कई मंत्रियों ने 13 जिलों के कार्यक्रमों में भाग लिया और पार्टी की रणनीति को धार देने की कोशिश की।

कार्यक्रमों के दौरान, राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनता को बताया कि कैसे केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही, युवाओं को रोजगार देने का वादा निभा नहीं पाई, महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही और गरीबों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। राजद कार्यकर्ताओं ने संवाद कार्यक्रम के दौरान जनता से कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। हमें इस मुद्दे पर एक प्रण लेना होगा।’

इस कार्यक्रम की खास बात यह थी कि बड़ी संख्या में राजद मंत्री ग्रामीण इलाकों के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख मंत्रियों में सुरेंद्र प्रसाद यादव, अलोक कुमार मेहता, जितेंद्र कुमार राय, रामानंद यादव, प्रोफेसर चंद्र शेखर, समीर कुमार महासेठ और कुमार सर्वजीत शामिल थे।

बिहार की राजनीति के जानकारों का मानना है कि राजद इस कार्यक्रम से बीजेपी और पीएम मोदी को जवाब देने की कोशिश कर रहा है। दरअसल जनता के बीच केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भाजपा प्रचार कर रही है। राज्य से गुजर रहे विभिन्न रथ लोगों को बताते हैं कि कैसे मोदी का मतलब ‘गारंटी’ है। केंद्र की ओर से शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं गरीबों की स्थिति में सुधार कर रही हैं। इसकी काट के लिए राजद ने ‘कार्यकर्ता संवाद’ कार्यक्रम शुरू किया है।

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