World War 3 Alert? ईरान-अमेरिका में ठनी: ट्रंप की ‘तूफान’ वाली चेतावनी और खामेनेई का ‘समंदर में डुबाने’ का संकल्प!

Iran-US Conflict News: खाड़ी देशों से लेकर वॉशिंगटन तक युद्ध की आहट तेज हो गई है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती दिख रही हैं। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों ने हलचल मचा दी है, तो दूसरी तरफ ईरान ने दो टूक कह दिया है कि अगर हमला हुआ, तो पलटवार इतना खौफनाक होगा कि दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने लिखा, “एक बड़ा तूफान आने वाला है, ऐसा तूफान जिसे अब कोई नहीं रोक सकता।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान पर किसी बड़े सैन्य एक्शन का संकेत हो सकता है।

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने भी तेवर कड़े कर लिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में दुश्मन के जहाजों के लिए कोई जगह नहीं है। खामेनेई ने कहा, “अगर कोई भी हमलावर आगे बढ़ेगा, तो उसे समंदर की लहरों में ही डुबो दिया जाएगा।”

युद्ध के बादलों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर दिखना शुरू हो गया है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जो पिछले 4 सालों का उच्चतम स्तर है। अगर तनाव और बढ़ा, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें दुनिया भर में आसमान छू सकती हैं।

खबर है कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व अपने विदेश मंत्री अब्बास अराघची से नाराज है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक राजनयिक के बजाय IRGC के प्रवक्ता की तरह काम किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें जल्द ही पद से हटाया जा सकता है।

पेंटागन से आ रही खबरें डराने वाली हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक:

  • हाइपरसोनिक अटैक: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ट्रंप को ईरान के ठिकानों पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमले का विकल्प दिया है।
  • यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड: करीब 300 दिनों के मिशन के बाद अमेरिका का सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर वापस लौटा है, जिसे आगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अमेरिका में इस बात पर बहस तेज है कि क्या ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए संसद (Congress) की मंजूरी चाहिए? व्हाइट हाउस की ओर से संकेत मिले हैं कि 60 दिनों की समय सीमा के बावजूद राष्ट्रपति को किसी नए प्रस्ताव या मंजूरी की जरूरत नहीं है, वे सीधे सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं।

फिलहाल बातचीत के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं। एक तरफ अमेरिका की घातक मिसाइलें तैयार हैं, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी समुद्री सीमा को अभेद्य किला बनाने का दावा कर रहा है। आने वाले कुछ घंटे पश्चिम एशिया की सूरत तय करेंगे।

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