ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: जेडी वेंस इस्लामाबाद रवाना, क्या मुज्तबा खामेनेई की मंजूरी से टलेगा युद्ध?

ईरान और अमेरिका के बीच आसन्न सैन्य टकराव को टालने के लिए कूटनीतिक प्रयास अंतिम चरण में पहुँच गए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। यह दौरा उस समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से लागू सीजफायर (युद्धविराम) 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।

व्हाइट हाउस लंबे समय तक इस संशय में था कि तेहरान बातचीत की मेज पर आएगा या नहीं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के भीतर दो गुटों में वैचारिक जंग छिड़ी थी…

  • IRGC का रुख: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का मानना था कि जब तक अमेरिका प्रतिबंध नहीं हटाता, बातचीत “सरेंडर” के समान है।
  • मध्यस्थों की भूमिका: पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के भारी कूटनीतिक दबाव के बाद, सोमवार रात ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने आखिरकार डेलिगेशन भेजने को अपनी हरी झंडी दे दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता को सफल बनाने के लिए अपनी सबसे प्रभावशाली टीम तैनात की है। जेडी वेंस के साथ निम्नलिखित चेहरे नजर आ सकते हैं…

  • स्टीव विटकॉफ: ट्रंप के विशेष दूत।
  • जेरेड कुशनर: मध्य-पूर्व मामलों के अनुभवी रणनीतिकार।

आगामी 24 घंटे वैश्विक सुरक्षा के लिए निर्णायक हैं। सीजफायर को लेकर दो विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं…

स्रोतदावासंभावित परिणाम
अमेरिकी मीडिया (Axios)यदि बातचीत में प्रगति हुई, तो ट्रंप सीजफायर बढ़ा सकते हैं।कूटनीति को और समय मिलेगा।
वॉल स्ट्रीट जनरल (WSJ)ट्रंप सीजफायर बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं; समझौता नहीं तो हमला।22 अप्रैल के बाद दोबारा जंग शुरू हो सकती है।
पाकिस्तानी मीडियासीजफायर को दो हफ्ते और बढ़ाने पर सहमति बन सकती है।तनाव में अस्थायी कमी।

डोनाल्ड ट्रंप का रुख साफ है—या तो उनके मनमुताबिक समझौता होगा, या फिर बमबारी फिर से शुरू होगी। इतने कम समय में किसी स्थायी समझौते पर पहुँचना नामुमकिन सा है, लेकिन अगर बुधवार की वार्ता में सीजफायर बढ़ाने पर सहमति बन जाती है, तो इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जाएगा।

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