पश्चिम बंगाल में भीषण ट्रेन हादसा! रेलवे ट्रैक पार कर रही स्कूली वैन के उड़े परखच्चे, 2 बच्चों सहित 3 की मौत, कई घायल

Highlights
- गोविंदपुर रेल गेट पर हाहाकार: मुर्शिदाबाद में तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आया स्कूली बच्चों से भरा वाहन।
- दिल दहला देने वाला मंजर: हादसे में दो मासूम बच्चों और एक बुजुर्ग ने गंवाई जान, एक साइकिल सवार भी आया चपेट में।
- बेरहामपुर अस्पताल में इमरजेंसी: गंभीर रूप से घायल बच्चों का इलाज जारी, मौके पर पहुंची रेलवे और स्थानीय पुलिस।
जुबिली स्पेशल डेस्क
मुर्शिदाबाद/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और आंखें नम कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के गोविंदपुर रेल गेट (Govindpur Rail Gate) पर एक बड़ा रेल हादसा हो गया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्कूली बच्चों से भरा एक वाहन जैसे ही रेलवे क्रॉसिंग पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
इस दिल दहला देने वाले हादसे में दो मासूम स्कूली बच्चों और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई।
ट्रैक पार करते ही आई मौत: कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब बच्चे सुबह अपने स्कूल जा रहे थे। गोविंदपुर रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ड्राइवर ने शायद आती हुई ट्रेन की रफ्तार का अंदाजा नहीं लगाया। जैसे ही वैन पटरी के बीच पहुंची, तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
इस भयावह टक्कर की जद में पास से गुजर रहा एक साइकिल सवार भी आ गया, जो गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और वैन में फंसे लहूलुहान बच्चों को बाहर निकाला।
बेरहामपुर अस्पताल में चल रहा है इलाज, पुलिस जांच में जुटी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, जीआरपी (GRP) और रेलवे पुलिस की टीमें फौरन मौके पर पहुंचीं। सभी घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी बेरहामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कुछ बच्चों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या यह गेट मानव रहित (Unmanned Crossing) था या फिर गेटमैन की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। इस भीषण घटना के बाद से पूरे मुर्शिदाबाद जिले में शोक की लहर है और बच्चों के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

