होर्मुज पर बढ़ा तनाव: अमेरिकी नौसेना ने तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट देने से किया इनकार

जुबिली स्पेशल डेस्क

वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच Strait of Hormuz को लेकर तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग के 12वें दिन Iran पर आरोप है कि उसने एक ही दिन में तीन से चार जहाजों पर हमला किया। इससे दुनिया की सबसे बड़ी तेल आपूर्ति मार्गों में से एक पर संकट गहरा गया है।

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने पहले ही चेतावनी दी थी कि होर्मुज से तेल की आपूर्ति रोक दी जाएगी। इसके बाद से क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

टैंकरों को सुरक्षा देने से पीछे हटी अमेरिकी नौसेना

समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, White House और Pentagon के बीच इस मुद्दे पर मतभेद सामने आए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कहा था कि जरूरत पड़ने पर United States Navy तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एस्कॉर्ट करेगी। लेकिन नौसेना अधिकारियों ने शिपिंग कंपनियों को साफ कर दिया कि फिलहाल जोखिम बहुत ज्यादा है और इस समय एस्कॉर्ट देना संभव नहीं है।

ईरान की चेतावनी और बढ़ा खतरा

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी दावों को “सफेद झूठ” बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी बेड़े ने कोई सैन्य कदम उठाया तो उसे मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया जाएगा।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य केवल करीब 21 मील चौड़ा है और यह दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान यहां अपनी “स्वार्म स्ट्रैटेजी” के तहत छोटी नावों और ड्रोन के जरिए हमला कर सकता है। साथ ही समुद्र के नीचे नेवल माइंस बिछाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए अमेरिका को ईरान के तटीय क्षेत्र पर बड़ा सैन्य अभियान चलाना पड़ेगा, जिसके लिए फिलहाल पर्याप्त जहाज और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

पिछले सप्ताह Iraq के पास एक तेल टैंकर को रिमोट-कंट्रोल विस्फोटक नाव से उड़ा दिया गया था। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

अमेरिकी नौसेना का मानना है कि अगर टैंकरों को एस्कॉर्ट भी दिया जाए, तब भी Iran की तथाकथित “स्वार्म स्ट्रैटेजी” यानी छोटी-छोटी नावों और ड्रोन के झुंड से होने वाले हमलों से एक या दो जहाजों को पूरी तरह बचाना बेहद मुश्किल है।

इन चुनौतीपूर्ण हालातों के बीच दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति Strait of Hormuz के रास्ते में ही फंसी हुई बताई जा रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

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