Gold Silver Price Today: सोना-चांदी में भारी गिरावट, जानें अपने शहर का ताजा भाव

नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों (Non-Farm Payrolls Data) और डॉलर की मजबूती के कारण वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

शुक्रवार को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमतें प्रति 10 ग्राम लगभग 1,600 से 1,850 रुपये तक गिरकर बंद हुईं। वहीं, चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम 4,000 से 5,800 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।

चूंकि शनिवार और रविवार को IBJA और MCX बाजार बंद रहते हैं, इसलिए फिलहाल कीमतें शुक्रवार के निचले स्तर पर बनी हुई हैं।

शहर24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली₹1,55,870₹1,42,890
मुंबई₹1,55,720₹1,42,740
कोलकाता₹1,55,720₹1,42,740
चेन्नई₹1,57,950₹1,44,290

देश में चांदी की औसत रिटेल कीमत 2,74,900 रुपये से 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है।

  • दिल्ली: ₹2,749 प्रति 10 ग्राम, ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम
  • मुंबई: ₹2,750 प्रति 10 ग्राम, ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम
  • कोलकाता: ₹2,750 प्रति 10 ग्राम, ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम
  • चेन्नई: ₹2,800 प्रति 10 ग्राम, ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम

अमेरिका में मई महीने के दौरान अनुमान से अधिक नई नौकरियां जुड़ीं। मजबूत रोजगार डेटा से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर दिखाई दे रही है। इसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हुई है, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ी है। निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से दोनों की कीमतों में गिरावट आई है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

इजरायल और लेबनान के बीच संभावित संघर्ष विराम की खबरों से निवेशकों का सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुझान कुछ कम हुआ है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग प्रभावित हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े मजबूत बने रहते हैं और ब्याज दरों में कटौती टलती है, तो निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निवेशकों को नजर बनाए रखनी चाहिए।

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