फिरोजाबाद बैंक ऑफ इंडिया गोल्ड लोन घोटाला: तिजोरी से गायब हुए 96 सोने के पैकेट

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से बैंकिंग व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा की तिजोरी से सोने के 96 पैकेट गायब मिलने के बाद हड़कंप मच गया। ये वही सोने के पैकेट थे जिन्हें ग्राहकों ने गिरवी रखकर बैंक से गोल्ड लोन लिया था।
मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। जांच के आधार पर पुलिस ने बैंक के पूर्व मैनेजर संदीप यादव, स्टाफ अधिकारी दिलीप कुमार और नरेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तिजोरी की चाबी रखने वाले कर्मचारी पर शक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बैंक की तिजोरी की चाबी स्टाफ अधिकारी दिलीप कुमार के पास रहती थी। बताया जा रहा है कि वह 27 मई से ड्यूटी पर नहीं आया था।
कर्मचारी के लगातार अनुपस्थित रहने और तिजोरी से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका के बाद बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद नियमों के अनुसार डुप्लीकेट चाबी से तिजोरी खोली गई।
तिजोरी खुलने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें रखे सोने के 96 पैकेट गायब मिले।
ग्राहकों का गिरवी रखा सोना था गायब
बैंक में बड़ी संख्या में लोग अपना सोना जमा कर उसके बदले लोन लेते हैं। गोल्ड लोन की प्रक्रिया में ग्राहक का सोना बैंक की सुरक्षा में रखा जाता है और लोन चुकाने के बाद उसे वापस किया जाता है।
ऐसे में 96 पैकेट सोना गायब होने की खबर से उन ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने बैंक में अपना आभूषण गिरवी रखा था।
पूर्व बैंक मैनेजर की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस ने इस मामले में केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि पूर्व बैंक मैनेजर संदीप यादव और नरेश कुमार को भी आरोपी बनाया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- तिजोरी तक किस-किस की पहुंच थी?
- सोने के पैकेटों की जांच और रिकॉर्डिंग कैसे होती थी?
- सुरक्षा व्यवस्था में कहां लापरवाही हुई?
- गायब सोना कब और कैसे बाहर निकाला गया?
बैंक रिकॉर्ड और CCTV की होगी जांच
पुलिस अब बैंक के दस्तावेज, गोल्ड लोन रिकॉर्ड, तिजोरी खोलने-बंद करने की प्रक्रिया और CCTV फुटेज की जांच कर सकती है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि गायब हुए सोने के पैकेट कब आखिरी बार रिकॉर्ड में मौजूद थे और उसके बाद उनमें कब बदलाव हुआ।
बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बैंक में रखे ग्राहकों के कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक की तिजोरी में रखे सोने की सुरक्षा के लिए कई स्तर की निगरानी व्यवस्था होती है।
ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में गोल्ड पैकेट गायब होना बैंक की आंतरिक व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सोना कैसे गायब हुआ और इसमें किस-किस की भूमिका थी।
बैंक प्रबंधन की ओर से भी आंतरिक जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। वहीं ग्राहकों की नजर अब इस बात पर है कि उनका गिरवी रखा सोना सुरक्षित वापस मिल पाएगा या नहीं।



