राज्यसभा टिकट नहीं मिलने से बढ़ी नाराजगी, समर्थकों ने लगाए ‘साहेब निर्णय लीजिए’ पोस्टर

मुंबई: Chhagan Bhujbal को एक बार फिर राज्यसभा जाने का मौका नहीं मिल सका। Nationalist Congress Party (NCP-अजित गुट) ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए Rajendra Jain को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के इस फैसले के बाद भुजबल समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है और नासिक के येवला में विरोध के पोस्टर लगाए गए हैं।
राज्यसभा की उम्मीदों को लगा झटका
महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय छगन भुजबल को राज्यसभा उपचुनाव का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें संसद भेज सकती है, लेकिन अंतिम समय में NCP ने राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगा दी। इसके बाद भुजबल समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।
‘साहेब निर्णय लीजिए’ पोस्टरों से बढ़ी चर्चा
राज्यसभा टिकट न मिलने के बाद नासिक के येवला शहर में भुजबल समर्थकों ने कई जगह पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर ‘साहेब निर्णय लीजिए’ लिखा गया है। राजनीतिक गलियारों में इन पोस्टरों को भुजबल समर्थकों की नाराजगी और उनके अगले राजनीतिक कदम के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
समीर भुजबल को मंत्री बनाने की रखी थी शर्त?
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व और छगन भुजबल के बीच राज्यसभा सीट को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि भुजबल ने राज्यसभा जाने की सहमति इस शर्त पर जताई थी कि उनके भतीजे Sameer Bhujbal को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया जाए।
यह प्रस्ताव महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis तक पहुंचाया गया था। हालांकि, समय की कमी और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका।
‘मैं राज्यसभा जाना चाहता हूं’
हाल ही में मीडिया से बातचीत में छगन भुजबल ने कहा था कि वे राज्यसभा और लोकसभा दोनों में जाने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे सार्वजनिक जीवन के बाद उन्हें भी ऐसा अवसर मिलना चाहिए, जैसा अन्य राजनीतिक परिवारों के सदस्यों को मिलता रहा है।
‘मैं नाराज नहीं हूं, कबड्डी खिलाड़ी हूं’
राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के सवाल पर भुजबल ने कहा कि वे नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अगर आज नहीं तो कल, अगर कल नहीं तो परसों। मैं कबड्डी खिलाड़ी हूं, शतरंज खिलाड़ी नहीं।” उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में उन्हें उचित अवसर मिलेगा।
अब आगे क्या करेंगे भुजबल?
राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या छगन भुजबल कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेंगे। फिलहाल उनकी ओर से किसी बड़े कदम का संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन समर्थकों की नाराजगी ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।



