जंतर-मंतर पर वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस की एंट्री, पवन खेड़ा ने मुलाकात कर सरकार पर बोला हमला

Highlights
- केजरीवाल का बड़ा बयान: जंतर-मंतर पहुंचे आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की वकालत की।
- धर्मेंद्र प्रधान पर बढ़ा दबाव: नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर कांग्रेस, सपा और मनसे ने खोला मोर्चा; पवन खेड़ा ने की मुलाकात।
- हाईकोर्ट सख्त: 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की गिरती सेहत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को दिए सख्त निर्देश।
जुबिली स्पेशल डेस्क
दिल्ली का जंतर-मंतर इस वक्त देश की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 20वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उनकी बिगड़ती सेहत के बीच अब देश की पूरी विपक्षी ताकत उनके समर्थन में जंतर-मंतर पर उतर आई है। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर वांगचुक द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को अब कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने अपना मुख्य एजेंडा बना लिया है।
शुक्रवार (17 जुलाई) को कांग्रेस के फायरब्रांड नेता पवन खेड़ा वांगचुक से मिलने धरना स्थल पहुंचे, जिससे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर ‘जवाबदेही की कमी’ का आरोप लगाया।
केजरीवाल का मास्टरस्ट्रोक: “वांगचुक को बनाओ देश का शिक्षा मंत्री”
सोनम वांगचुक से मुलाकात करने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान दे दिया है। केजरीवाल ने देश के चरमराते परीक्षा सिस्टम पर हमला बोलते हुए मांग की है कि सोनम वांगचुक जैसे विजनरी इंसान को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए, ताकि देश से पेपर लीक जैसी बीमारियां खत्म हो सकें।
केजरीवाल के अलावा विपक्ष की कई महिला दिग्गज नेता भी जंतर-मंतर पहुंचीं
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और रुचि वीरा ने वांगचुक से मिलकर उनके आंदोलन को जायज ठहराया।
- शिवसेना (UBT) की फायरब्रांड प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने भी मंच साझा कर अपना समर्थन दिया।
राज ठाकरे की मोदी से अपील: “विरोध का अधिकार खत्म न करे सरकार”
इस आंदोलन की गूंज अब महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने भी सोशल मीडिया पर एक कड़ा पोस्ट साझा कर वांगचुक की मांगों का खुलकर समर्थन किया है। राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:
“ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार ने देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को ही खत्म करने का मन बना लिया है। पारदर्शिता सिर्फ नीट (NEET) परीक्षा में ही नहीं, बल्कि देश की हर परीक्षा में होनी चाहिए।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस गंभीर संकट में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: सेहत पर रखी जाए 24 घंटे नजर
लगातार 20 दिनों से अन्न का एक दाना न लेने के कारण सोनम वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है और डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में वांगचुक की भूख हड़ताल और उनके जीवन की सुरक्षा को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा वांगचुक के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी (Continuous Monitoring) की जाए। विपक्ष के इस आक्रामक रुख के बाद अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्रालय इस पूरे गतिरोध पर क्या कदम उठाता है।
