लिट्फेस्ट
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मैं कभी कभी भगवान होना चाहता हूं, और सृजन कर देना चाहता…
मैं कभी कभी भगवान होना चाहता हूं, और सृजन कर देना चाहता हूं नई दुनिया का। हां, नई सृष्टि जिसमें…
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शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ…
शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ हैं बस इसीलिए वो पत्ते आवारा हुए जा रहे हैं कलम दवात दिख…
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सुख और दुख में फर्क यूं खुद को बताते हो…
सुख और दुख में फर्क यूं खुद को बताते हो, तुम उसको याद करते हो और भूल जाते हो तुम…
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तुम्हारा हंसना मादक है, मैंने बुरा नही माना…
तुम्हारा हंसना मादक है, मैंने बुरा नही माना, लेकिन मेरे आंसू का प्रिय तुमने भेद नही जाना। अपनेपन के हृदय…
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शूलों की सेज़ सा,आशिक़ का मकान होता है….!!
शूलों की सेज़ सा,आशिक़ का मकान होता है….!! मोहब्बत का सफ़र कहाँ आसान होता है| हासिल हो,तो ख़िलाफ़ सारा जहाँन…
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रंगारंग सांंस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांधा
जुबिली पोस्ट ब्यूरो लखनऊ। जवाहर भवन- इन्दिरा भवन कर्मचारी महासंघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं होली मिलन समारोह…
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साहित्य संवाद शृंखला में कहानी पाठ
जुबिली पोस्ट ब्यूरो लखनऊ। कहानीकार के रूप में पधारे डॉ0 सुधाकर अदीब ने अपनी कहानी चरैवेति- चरैवेति का पाठ किया।…
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ले चलो मुझे प्रिय जहां कभी मधुमास न हो…
ले चलो मुझे प्रिय जहां कभी मधुमास न हो, कलियों का परिमल,भंवरों का उपहास न हो मैने उदगारों से मांगी,…
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मैं घर का बड़ा था, मुझ पर जिम्मेदारियां…
मैं घर का बड़ा था, तो मुझ पर जिम्मेदारियां बहुत थीं, प्यार सबका कुछ ज्यादा था मुझसे, तो हक्दारियां बहुत…
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