Friday - 6 December 2019 - 4:41 AM

ओपिनियन

राजनीतिक स्वार्थ से नही जनभावना को ध्यान पर रख के बने कानून                      

कृष्णमोहन झा  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विगत दिनों राज्यसभा में अपने एक बयान में कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार सारे देश में एनआरसी( नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजंस) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। किसी भी धर्म विशेष के लोगों को एनआरसी से भयभीत होने की …

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दरिंदों के दमन के लिए दामिनी बनना होगा

राजीव ओझा जो लड़ेगा वो जीतेगा, जो डरेगा वो भरेगा। जब समाज में चारों तरफ दरिन्दे घूम रहें हो तो उनका दमन ही उनसे बचने का रास्ता है। लेकिन इसके लिए हर बेटी और महिला को दामिनी बनन होगा। पुलिस के भरोसे न रहें बेटियाँ, पुलिस आपकी रक्षा नहीं करेगी। …

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क्‍या झारखंड बनेगा महाराष्‍ट्र?

सुरेंद्र दुबे झारखंड में विधानसभा की 81 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में 13 सीटों के लिए 30 नवंबर को मतदान हुआ। दूसरे चरण का मतदान सात दिसंबर, तीसरे चरण का मतदान 12 दिसंबर, चौथे चरण का मतदान 16 दिसंबर तथा 20 दिसंबर को पांचवे चरण …

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क्‍या लोग वाकई अमित शाह से डरते हैं?

सुरेंद्र दुबे लंबे अर्से से चर्चा है कि लोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछने से कतराते हैं क्‍योंकि वे उनसे डरते हैं। यह बहस प्रमुख उद्योगपति राहुल बजाज के इस प्रश्‍न से उठी है, जिसमें उन्‍होंने सीधे-सीधे अमित शाह से ही कह दिया कि लोग आपसे डरते …

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तो क्‍या सूर्य यान वाकई लैंड कर गया

सुरेंद्र दुबे शिवसेना नेता संजय राउत अंतत: शिवसेना अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे को मुख्‍यमंत्री बनवाने में सफल रहे। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही संजय राउत ने शिवसेना का ही मुख्‍यमंत्री बनवाने की रट लगाना शुरू कर दी थी। तब उनकी बात पर बहुत विश्‍वास करने का मन नहीं हो …

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सबको सबक सिखा रहा महाराष्ट्र

कुमार भवेश चंद्र महाराष्ट्र में तेज बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में देश के बाकी हिस्सों की दिलचस्पी बनी हुई है तो उसकी वजह बहुत खास है। लोग बदलती हुई सियासत का नया जायका देखने, चखने और परखने के मूड में हैं। विचारधारा, भ्रष्टाचार और सियासत के इस घालमेल से जो …

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राज्‍यपाल की जल्दबाजी की चर्चा क्‍यों न की जाए

सुरेंद्र दुबे राज्‍यपाल का पद एक संवैधानिक पद होता है। ऐसा हमारा संविधान कहता है और ऐसा ही हमें नागरिक शास्‍त्र में पढ़ाया गया था। पर अब लिखा पढ़ा कुछ काम नहीं आ रहा है। लगता है नागरिक शास्‍त्र के पाठ्यक्रम में राज्‍यपाल के पद को नए सिरे से परिभाषित …

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सिध्दांतों की दुहाई पर जनाधार बटोरने वाले दलों की स्वार्थपरिता से लेना होगी सीख

डा. रवीन्द्र अरजरिया राजनैतिक मापदण्डों का सीधा प्रभाव सामाजिक व्यवस्था पर पडता है। नेतृत्व करने वालों की सोच के अनुरूप ही प्रबंधन शुरू हो जाता है। सत्ताधारी व्यक्ति या दल के सिध्दान्तों ही सर्वोपरि होते हैं। तंत्र का रुख अपने आप मुखिया के इशारे पर मुड जाता है। अतीत में …

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महाराष्ट्र में महा आश्चर्य

रतन मणि लाल राजनीति में कब क्या हो जाए, यह सब जानते है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वाले विश्लेषक काफी हद तक सटीक विश्लेषण कर ले जाते हैं। और उनकी राजनीतिक भविष्यवाणी सच हो जाती हैं। फिर मीडिया जगत में ऐसे भी दिग्गजों की …

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ईडी का डंडा-महाराष्‍ट्र का फंडा

सुरेंद्र दुबे आजकल राजनीति में राजनैतिक समीकरणों तथा नेताओं की तिकड़मबाजी से ज्‍यादा महत्‍व सीबीआई और ईडी का हो गया है। बड़े-बड़े नेता कहीं न कहीं भ्रष्‍टाचार के आरोपों में फंसे हुए हैं। इसलिए भाजपा सबसे ज्‍यादा इसी हथियार का इस्‍तेमाल करने लगी है। मैंने 20 नवंबर को ही अपने …

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