ईरान-चीन तेल कारोबार पर अमेरिका का बड़ा वार, रिफाइनरी और जहाजों पर सख्त प्रतिबंध

जुबिली न्यूज डेस्क

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर दबाव बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने चीन की एक बड़ी रिफाइनरी और दर्जनों जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करना है।

ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery Company Ltd.पर कार्रवाई की है। अमेरिका का आरोप है कि यह कंपनी ईरान से कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत करीब 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों को भी निशाना बनाया गया है, जिन्हें ईरान की “शैडो फ्लीट” का हिस्सा माना जाता है। इसके अलावा 19 अन्य जहाजों पर भी नए प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो ईरान का तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पाद विभिन्न देशों तक पहुंचाते थे।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ये आर्थिक प्रतिबंध ईरान पर वित्तीय दबाव बढ़ाने के साथ-साथ मध्य पूर्व में उसकी आक्रामक गतिविधियों को रोकने और उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाने में मदद करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के तेल कारोबार में शामिल किसी भी कंपनी, जहाज या बिचौलिये पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

अमेरिका के अनुसार, चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां, जिन्हें “टीपॉट” कहा जाता है, ईरान के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार हैं। हेंगली रिफाइनरी इन कंपनियों में प्रमुख है और इसने कथित तौर पर
Sepehr Energy Jahan Nama Pars Company
के जरिए प्रतिबंधित नेटवर्क से तेल खरीदा।

ट्रेजरी विभाग ने बताया कि फरवरी 2025 से अब तक ईरान से जुड़े 1000 से ज्यादा व्यक्तियों, कंपनियों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। अमेरिकी कानून के तहत प्रतिबंधित संस्थाओं की संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है और अमेरिकी नागरिकों के लिए उनके साथ व्यापार करना प्रतिबंधित होता है।

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