IAS संजय प्रसाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, मामला DOPT और ACC को रेफर

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी संजय प्रसाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उनके आचरण (conduct) से जुड़े मामले को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट (ACC) को भेजने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने दिए गंभीर निर्देश
न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि संजय प्रसाद के आचरण को देखते हुए यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार इस बात पर विचार करे कि भविष्य में उन्हें किसी भी जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जा सकता है या नहीं।
अदालत ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि यह आदेश DOPT को भेजा जाए और इसे ACC के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाए, ताकि उनकी भविष्य की पोस्टिंग और जिम्मेदारियों पर विचार किया जा सके।
‘कोर्ट की अथॉरिटी को कमजोर करने’ का आरोप
हाईकोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया कि संजय प्रसाद पर जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से अदालत की अथॉरिटी को कमजोर करने का आरोप है। इसी आधार पर कोर्ट ने यह कठोर कदम उठाया है।
विवादों से रहा है नाम जुड़ा
संजय प्रसाद पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर एक बीजेपी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने पारिवारिक हितों और कथित फर्जी एनकाउंटर की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह आदेश प्रशासनिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब केंद्र सरकार और ACC की समीक्षा के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



