Sonam Wangchuk को अस्पताल ले जाने के बाद पहली मेडिकल रिपोर्ट आई, जानिए कैसी है हालत

नई दिल्ली: 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य की शुरुआती जांच की।

अस्पताल प्रशासन ने सोनम वांगचुक की मेडिकल निगरानी के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। इस बोर्ड में मेडिसिन, एंडोक्रायनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनम वांगचुक के जरूरी स्वास्थ्य संकेतक (Vitals) फिलहाल सामान्य हैं। उनकी ब्लड प्रेशर, पल्स, सांस और तापमान जैसी बुनियादी जांचें स्थिर बताई जा रही हैं।

हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी स्थिति में हाइपोटेंशन (लो BP) और हाइपोग्लाइसीमिया (कम शुगर) की समस्या सामने आई है। उनका ECG भी सामान्य बताया गया है।

अस्पताल प्रशासन की ओर से दोपहर में सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया जा सकता है।

सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बंबा ने बताया कि सोनम वांगचुक सुबह करीब 7:40 बजे अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने कहा,
“लंबे समय तक उपवास के कारण वे थोड़े कमजोर हैं और उन्हें हल्की डिहाइड्रेशन की समस्या है। इसके अलावा उनके सभी जरूरी पैरामीटर स्थिर हैं। उनकी लगातार जांच और निगरानी की जा रही है।”

डॉ. बंबा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में देखा गया, जिसके बाद मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया है।

उन्होंने कहा कि डिहाइड्रेशन की वजह से उनके इलेक्ट्रोलाइट लेवल प्रभावित होने के संकेत मिले हैं। डॉक्टर इस पर नजर रख रहे हैं और स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद कहा कि उनकी अनुमति, परिवार और उनके डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नस के जरिए कोई चीज नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इलाज से जुड़े फैसलों में परिवार और उनके निजी चिकित्सकों को शामिल किया जाना चाहिए।

वहीं, हिरासत से रिहा होने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को जबरदस्ती अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि इससे आंदोलन खत्म नहीं होगा और लोग अपनी मांगों को लेकर डटे रहेंगे।

दिपके ने यह भी ऐलान किया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला जाएगा।

सोनम वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर असर पड़ा, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फिलहाल डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं और मेडिकल बोर्ड उनकी स्थिति का आकलन कर रहा है।

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