हल्द्वानी शिफ्ट होगा उत्तराखंड हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने का रास्ता साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें वकीलों और मुकदमेबाजों के बीच जनमत संग्रह (रेफरेंडम) कराने का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि न्यायपालिका इस तरह का निर्देश जारी नहीं कर सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के पास जनमत संग्रह कराने का आदेश देने का अधिकार नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाई कोर्ट के स्थानांतरण के लिए आवश्यक सभी मंजूरियां छह सप्ताह के भीतर पूरी की जाएं। साथ ही, नई इमारत के लिए निर्धारित जमीन हाई कोर्ट को सौंपने का भी आदेश दिया।
दरअसल, उत्तराखंड कैबिनेट ने 2022 में नैनीताल से हल्द्वानी हाई कोर्ट स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने इस फैसले पर वकीलों और मुकदमेबाजों की राय जानने के लिए जनमत संग्रह कराने का निर्देश दिया था, ताकि यह तय किया जा सके कि हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट किया जाए या नहीं।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हाई कोर्ट के हल्द्वानी स्थानांतरण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।


