अखिलेश यादव पर इमरान मसूद के हमलों से INDIA गठबंधन में बढ़ी टेंशन, कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के लगातार बयानों ने INDIA गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ा दिया है। मसूद समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर खुलकर हमला कर रहे हैं, जिसके बाद सपा नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
मऊ से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ऐसे बयानों पर कार्रवाई करने की मांग तक कर दी है। हालांकि, उत्तर प्रदेश कांग्रेस और दिल्ली कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई सख्त प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
इमरान मसूद ने हाल के दिनों में कई ऐसे बयान दिए हैं, जिनमें उन्होंने समाजवादी पार्टी की रणनीति और अखिलेश यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
13 जुलाई को दिए बयान में मसूद ने इशारों में कहा कि अखिलेश यादव को मुस्लिम नेतृत्व पसंद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की जरूरत समाजवादी पार्टी को ज्यादा है और 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को INDIA गठबंधन का फायदा मिला।
इससे पहले 22 जून को भी मसूद ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा को राम मंदिर का मुद्दा दिखाई देता है, लेकिन मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर वह उतनी मजबूती से आवाज नहीं उठाती।
सपा नेताओं में नाराजगी
इमरान मसूद के बयानों से समाजवादी पार्टी के नेताओं में नाराजगी है। सपा सांसद राजीव राय ने राहुल गांधी से अपील की कि कांग्रेस को ऐसे नेताओं के बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए।
सपा नेताओं का मानना है कि गठबंधन में रहते हुए इस तरह के सार्वजनिक हमले विपक्षी एकता को कमजोर कर सकते हैं।
इमरान मसूद का राजनीतिक सफर
इमरान मसूद लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद वह चर्चा में आए थे।
इसके बाद उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ा। 2014 लोकसभा, 2017 विधानसभा और 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली।
2022 विधानसभा चुनाव से पहले वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी का रुख किया। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में वापस लौटे और INDIA गठबंधन के समर्थन से सहारनपुर सीट से चुनाव जीतने में सफल रहे।
क्या कांग्रेस के समर्थन से मुखर हुए मसूद?
इमरान मसूद के बयानों को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह पार्टी की सहमति से अखिलेश यादव पर हमला कर रहे हैं या यह उनकी निजी राय है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है और सीट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर सकती है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इमरान मसूद को वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके कुछ विचारों से सहमति जताई है, हालांकि उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा।
2027 चुनाव से पहले गठबंधन की परीक्षा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा और कांग्रेस दोनों अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के गठबंधन को सफलता मिली थी।
अब इमरान मसूद के बयानों ने गठबंधन के भीतर समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।



