मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड पर मायावती का बयान, जानें क्या कहा

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और न्याय के लिए संवैधानिक रास्ते का पालन करना चाहिए।
मायावती ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने हिंसा, सड़क जाम और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसे कदमों से बचने की सलाह दी।
बाबा साहब अंबेडकर के विचारों का दिया हवाला
बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा कानूनी अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था के माध्यम से संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपने अधिकारों के लिए कभी किसी के सामने झुकने के बजाय संविधान और कानून के रास्ते को अपनाया। वहीं कांशीराम ने बसपा का गठन इस उद्देश्य से किया था कि वंचित और कमजोर वर्गों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ी जा सके।
“सड़कों पर उतरने से नहीं, अदालत से मिलेगा न्याय”
मायावती ने कहा कि किसी भी मामले में न्याय पाने के लिए अदालत का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने मेरठ जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों पर उतरने और माहौल खराब करने से समस्या का समाधान नहीं होता।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भावनाओं में बहकर ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो।
राजनीतिक दलों पर साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो ने कुछ राजनीतिक दलों पर लोगों को भड़काने और गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ दल मुद्दों को लेकर लोगों को उकसाते हैं और बाद में उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचते हैं, लेकिन इससे पीड़ितों को वास्तविक न्याय नहीं मिल पाता।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब के विचारों में सभी समस्याओं का समाधान मौजूद है और बसपा हमेशा संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मायावती ने सभी वर्गों के लोगों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों से सावधान रहें जो समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अन्याय के खिलाफ लड़ाई कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही लड़ी जानी चाहिए।



