सड़कों पर लाखों का हुजूम, बीच रास्ते अचानक आया हेलीकॉप्टर और हवा में ओझल हुआ खामेनेई का ताबूत; जानें मशहद में क्या हुआ

- ईरान के इतिहास का सबसे हैरान कर देने वाला अंतिम संस्कार
- जब लाखों की भीड़ के बीच से अचानक गायब हुआ सुप्रीम लीडर खामेनेई का ताबूत
ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद की सड़कें गुरुवार को इंसानी समंदर में तब्दील हो चुकी थीं। मौका था ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का, जो इस साल 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। मौत के पूरे 125 दिन (चार महीने) बाद हो रहे इस अंतिम संस्कार में सुरक्षा की कमान ईरान की सबसे ताकतवर सेना IRGC के सैकड़ों कमांडरों के हाथ में थी।
तभी अचानक बीच रास्ते में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। लाखों की भीड़ के ऊपर एक सैन्य हेलीकॉप्टर मंडराने लगा, नीचे उतरा, और सर्वोच्च नेता के ताबूत को हवा में लेकर उड़ गया। आइए जानते हैं इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी:
1. जब ‘इंसानी समंदर’ में फंस गया अंतिम संस्कार का काफिला
तय योजना के मुताबिक, अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूतों को एक विशेष वाहन के जरिए आठवें शिया इमाम के पवित्र मकबरे (दरगाह) की तरफ ले जाया जा रहा था। वहीं पर उनकी आखिरी नमाज और दफन की रस्में पूरी होनी थीं।
- पैर रखने की जगह नहीं: मशहद के मुख्य दानेश चौराहे तक पहुंचते-पहुंचते लाखों लोगों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि गाड़ी का एक इंच भी आगे बढ़ना नामुमकिन हो गया।
- सुरक्षा पर मंडराया खतरा: इतनी भारी भीड़ के बीच सुरक्षा बलों (IRGC) के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत प्लान बदला गया और काफिले को दूसरे रास्ते पर मोड़ दिया गया।
2. ‘चाम फिरदौसी मैदान’ से अचानक आया हेलीकॉप्टर
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, जब सड़क के रास्ते दरगाह तक पहुंचना असंभव हो गया, तो सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत ‘एयरलिफ्ट’ का फैसला किया।
लाइव टीवी पर दिखा मंजर: ताबूत को ले जा रहे वाहन को तुरंत पास के ‘चाम फिरदौसी मैदान’ की तरफ डाइवर्ट किया गया, जहां एक सैन्य हेलीकॉप्टर पहले से तैयार खड़ा था। भारी भीड़ के बीच से ताबूत को निकाला गया, हेलीकॉप्टर में रखा गया और वह सीधे दरगाह के लिए उड़ गया। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने हवा में उड़ते इस हेलीकॉप्टर की लाइव तस्वीरें दिखाकर इस ऐतिहासिक और बदले हुए प्लान की पुष्टि की।
3. मौत के 4 महीने बाद सुपुर्द-ए-खाक: इतिहास की सबसे लंबी विदाई
अयातुल्ला खामेनेई का यह अंतिम संस्कार इतिहास के सबसे लंबे चलने वाले धार्मिक आयोजनों में से एक बन गया है। उनकी मौत के चार महीने बाद उन्हें दफनाया जा रहा है।
- पवित्र शहरों का सफर: पिछले एक हफ्ते से खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और मजहबी रस्मों के लिए ईरान और इराक के सबसे बड़े शिया धार्मिक केंद्रों—तेहरान, कौम, नजफ और कर्बला ले जाया गया था।
- 14 महीने की जाहरा का रहस्य: अंतिम संस्कार के दौरान खामेनेई के ताबूत के पास ही एक छोटा ताबूत भी रखा दिखा, जो 14 महीने की बच्ची ‘जाहरा’ का था। इस मंजर ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।
- फाइटर जेट्स का पहरा: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भारी तनाव के बीच, खामेनेई के शव को कड़े सुरक्षा घेरे और ईरानी फाइटर जेट्स की निगरानी में मशहद लाया गया था।
4. तनाव के बीच अमेरिका का दोहरा हमला
यह अंतिम संस्कार ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद सुलग रहा है। अमेरिकी हमलों में खामेनेई की मौत के बाद से तनाव चरम पर है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर दोतरफा हमला बोला है—एक तरफ जहां अमेरिकी बमवर्षकों ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के तेल व्यापार पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाकर उसकी कमर तोड़ने की कोशिश की है।
तमाम तनाव और हवाई खतरों के बीच, अंततः भारी सुरक्षा और इस नाटकीय ‘एयरलिफ्ट’ के बाद अयातुल्ला खामेनेई को मशहद में दफन कर दिया गया।

