UP Surrogacy Board Meeting: सरोगेसी और एआरटी केंद्रों के आवेदनों पर बड़ा फैसला, 15 दिनों में फीस जमा न करने पर खारिज होंगे आवेदन

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सहायताप्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी (ART) और सरोगेसी (Surrogacy) केंद्रों के पंजीकरण और उनके नियमन को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार, 8 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित विधान भवन के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में “राज्य सहायताप्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी एवं सरोगेसी बोर्ड, उत्तर प्रदेश” की द्वितीय बैठक संपन्न हुई।
यह महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश के माननीय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें एआरटी अधिनियम, 2021 एवं सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण, जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जिन भी परिसरों या सेंटर्स ने एआरटी और सरोगेसी एक्ट के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, उनका जिला स्तरीय सक्षम प्राधिकारी (District Appropriate Authority) द्वारा बिना किसी देरी के तत्काल निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
प्राधिकारियों को आवश्यक अभिलेखों (डॉक्यूमेंट्स) के साथ अपनी विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट जल्द से जल्द समुचित प्राधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबित पड़े आवेदनों का त्वरित निस्तारण (Disposal) शुरू किया जा सके।
15 दिनों का अंतिम अल्टीमेटम: वरना आवेदन होंगे निरस्त
बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले उन केंद्रों को कड़ा संदेश दिया है जिन्होंने अब तक पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) जमा नहीं किया है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि
- ऐसे सभी आवेदकों को लिखित रूप में 15 दिनों का अंतिम अवसर (लास्ट नोटिस) दिया जाएगा।
- यदि इस समयावधि के भीतर संबंधित आवेदकों द्वारा पंजीकरण शुल्क जमा नहीं कराया जाता है, तो उनके आवेदनों को तत्काल प्रभाव से अस्वीकार (रिजेक्ट) कर दिया जाएगा।
बैठक में इन वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
इस उच्च स्तरीय बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया…
- विधायक और आयोग प्रतिनिधि: डॉ. सलोना कुशवाहा (माननीय सदस्या, विधान सभा, उ.प्र.), श्रीमती पूनम द्विवेदी और श्रीमती पूनम कुशवाहा (माननीय सदस्या, राज्य महिला आयोग, उ.प्र.)।
- स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी: श्री अमित कुमार घोष (अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), डॉ. पिंकी जोवल (सचिव), श्री रवि रंजन (विशेष सचिव), श्री धीरेन्द्र सचान (विशेष सचिव) और डॉ. पवन कुमार अरुण (महानिदेशक)।
- नोडल अधिकारी: डॉ. रंजना खरे (महानिदेशक, प्रशिक्षण) और डॉ. अमित सिंह (राज्य नोडल अधिकारी, एआरटी व सरोगेसी)।
- विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि: गृह विभाग, न्याय विभाग, समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि।
- विशिष्ट चिकित्सा संस्थान: SGPGI लखनऊ से डॉ. कौशिक मण्डल व डॉ. दीप्ति सक्सेना, KGMU लखनऊ से डॉ. अंजू अग्रवाल, RML आयुर्विज्ञान संस्थान से डॉ. मालविका मिश्रा और अन्वेष्णा फाउंडेशन, नोएडा से श्रीमती निहारिका शर्मा ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
अंत में, सभी उपस्थित सदस्यों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।



