क्या आज रात ईरान पर हमला करेगा अमेरिका? ट्रंप की चेतावनी

जुबिली स्पेशल डेस्क
वॉशिंगटन/अंकारा। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) एक बार फिर एक विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहे है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सनसनीखेज बयान ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। तुर्की की राजधानी अंकारा में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका बुधवार रात को ही ईरान पर एक बड़ा और जोरदार सैन्य हमला कर सकता है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से ठीक पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम शायद आज रात ईरान पर जोरदार हमला करेंगे।" हालांकि, उन्होंने इस संभावित हमले की सटीक वजह या ठिकानों का खुलासा नहीं किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि अब ईरान के साथ बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा"मुझे लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता (MoU) अब खत्म हो चुका है। हमने ईरान से बातचीत में काफी समय बर्बाद किया और अब मैं उनसे कोई बात नहीं करना चाहता।"
तनाव की मुख्य वजह: आमने-सामने आए अमेरिका और ईरान
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर है। पिछले कुछ महीनों से पूरा क्षेत्र बेहद अस्थिर बना हुआ है। ट्रंप ने ईरान पर पिछले 47 वर्षों से लगातार आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
इस तनाव की हालिया कड़ियाँ कुछ इस प्रकार हैं:
- अमेरिका की एयरस्ट्राइक: मंगलवार रात को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर भीषण बमबारी की थी। अमेरिकी डिफेंस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्रों और मिसाइल-ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया था।
- ईरान का पलटवार: अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने भी बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ किसी बड़े युद्ध की शुरुआत करता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा।
- वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल: अमेरिका और ईरान का यह टकराव पूरी दुनिया को दो धड़ों में बांट सकता है।
- आर्थिक संकट: इस क्षेत्र में युद्ध छिड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति (क्रूड ऑयल सप्लाई) ठप हो सकती है, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।
- समुद्री व्यापार पर खतरा: लाल सागर और खाड़ी देशों के समुद्री व्यापारिक मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो जाएंगे, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बिजनेस पर पड़ेगा।
फिलहाल, डोनाल्ड ट्रंप की इस खुली चेतावनी के बाद पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट और अमेरिकी सेना की अगली हलचल पर टिकी हुई हैं।


