भारतीय क्रिकेट के लिए ‘ब्लैक डे’-एक ही दिन में दो बड़े झटके


अशोक बांबी
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि एक ही दिन में टीम को दो बड़े झटके लगे हों। विश्व कप विजेता दोनों भारतीय टीमें अपने-अपने मुकाबलों में आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गईं। यह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, क्योंकि टीम विश्व कप खिताब को बरकरार रखने में भी नाकाम रही।
महिला विश्व कप में भारत न केवल ऑस्ट्रेलिया से लीग मैच हार गया, बल्कि सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सका। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में हार का खामियाजा भी टीम को भुगतना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने अच्छा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन गेंदबाज 170 रन के भीतर विपक्ष को रोकने में असफल रहे।
वहीं, आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ लगातार दो हार चौंकाने वाली रही। यह पहली बार था जब भारत किसी भी फॉर्मेट में आयरलैंड से हारा। संभवतः टीम ने विपक्ष को हल्के में लिया या फिर वहां की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल नहीं सकी।
इस हार में गेंदबाजी सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई, जबकि बल्लेबाजी में भी शीर्ष क्रम स्विंग गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाया।
अनुभवी गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने पहले मैच में 18वें ओवर में 27 रन लुटाए, जिसने मैच का रुख बदल दिया और आयरलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचने में मदद मिली। शीर्ष क्रम के जल्दी आउट होने से भी टीम पर दबाव बढ़ा और मेजबान टीम ने भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत और सीरीज अपने नाम की।
आगामी इंग्लैंड सीरीज में भारत की राह आसान नहीं दिख रही है। अब तक बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने कोई खास भरोसा नहीं जगाया है। इसके अलावा, इन-फॉर्म खिलाड़ी सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखना भी सवाल खड़े करता है। यह फैसला न केवल उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है, बल्कि भविष्य में उनके प्रदर्शन पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।



