NEET UG Re-Exam 2026: परीक्षा से पहले केंद्र सरकार सख्त, टेलीग्राम पर सरकार ने लगाई अस्थायी रोक

नई दिल्ली। NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली री-एग्जाम को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं। टेलीग्राम पर सरकार ने 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है, परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, नकल या पेपर लीक की आशंका को रोकने के लिए कई स्तरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

मई में आयोजित NEET UG परीक्षा को कुछ सवालों के लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।

हाल ही में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों के साथ परीक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करने या उसमें किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

री-एग्जाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है। वहीं परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CRPF और CISF के जवानों की तैनाती की जा रही है।

इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों को भी परीक्षा की निगरानी और संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

NTA ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार उम्मीदवारों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी।

इसके साथ ही प्रश्न पुस्तिका में रफ वर्क के लिए पेजों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। पहले जहां छात्रों को केवल 2 पेज मिलते थे, वहीं अब 4 पेज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गणना और अन्य कार्यों में आसानी होगी।

NEET (UG) 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। सरकार और NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि लाखों छात्रों का भरोसा कायम रखा जा सके।

Related Articles

Back to top button