Banke Bihari Mandir: बांके बिहारी मंदिर के पास बड़ा हादसा, बंदरों के हुड़दंग से भरभराकर गिरा जर्जर छज्जा; कई श्रद्धालु घायल

उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक बदले मौसम के बीच मंदिर के गेट नंबर 5 के पास बनी एक संकरी गली में एक निजी मकान का ऊपरी छज्जा अचानक नीचे चल रहे श्रद्धालुओं पर गिर गया।

इस हादसे में बांके बिहारी के दर्शन करने आए करीब 4 से 5 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद गली में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मलबे को हटाया और घायलों को वृंदावन के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

हादसे को लेकर जो शुरुआती और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, उसके पीछे वृंदावन का ‘बंदर संकट’ मुख्य वजह बताया जा रहा है।

  • कमजोर स्ट्रक्चर और बंदरों का वजन: स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मंदिर के ठीक पास बनी यह निजी इमारत काफी पुरानी थी और इसका छज्जा पहले से ही जर्जर स्थिति में था।
  • एक साथ कूदे दर्जनों बंदर: चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के वक्त छज्जे पर बड़ी संख्या में बंदरों का एक झुंड आकर बैठ गया और उनके आपसी हुड़दंग व भारी वजन के कारण कमजोर छज्जा भार सहन नहीं कर सका और अचानक भरभराकर सीधे नीचे आ रहे श्रद्धालुओं पर गिर गया।

जिस वक्त यह हादसा हुआ, मंदिर की गली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरी हुई थी।

एक प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु ने बताया: “हम सब बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए लाइन में आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक ऊपर से एक जोरदार आवाज हुई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, भारी-भरकम छज्जे का मलबा सीधे नीचे चल रहे भक्तों पर आ गिरा। कई लोग उसके नीचे दब गए, जिसके बाद आसपास के दुकानदारों और पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।”

इस हादसे ने एक बार फिर बांके बिहारी मंदिर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और पुरानी इमारतों की फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  1. बंदरों का आतंक: वृंदावन की गलियों में बंदरों का आतंक लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ है, जो अब हादसों का कारण बन रहा है।
  2. जर्जर भवनों की अनदेखी: मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर कई ऐसे पुराने मकान हैं जिनके छज्जे और दीवारें बेहद कमजोर हैं। मौसम बदलने या बारिश के दौरान इनके गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है।

फिलहाल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर मौजूद है और भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इमारत का बाकी हिस्सा सुरक्षित है या नहीं। अस्पताल में भर्ती घायल श्रद्धालुओं की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

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