Mamata Banerjee: “जब तक तुम्हें सत्ता से हटाऊंगी नहीं, तब तक मरूंगी नहीं…”

जुबिली स्पेशल डेस्क
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर अपने पुराने और आक्रामक तेवरों में लौट आई हैं। चुनाव नतीजों के बाद अपनी पहली सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया।
कोलकाता के रानी रासमणि एवेन्यू स्थित ‘वाई चैनल’ पर अपनी पार्टी के नेताओं के साथ धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए कहा, “मैं तब तक नहीं मरूंगी, जब तक तुम लोगों (BJP) को सत्ता से हटा नहीं देती। या तो हम लड़ेंगे या फिर मरेंगे।”
“BJP अध्यक्ष मुझे फोन कर मदद मांगते थे” – ममता का बड़ा दावा
ममता बनर्जी ने इस मंच से एक बेहद चौंकाने वाला और नया राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय खुद बीजेपी अध्यक्ष उनसे मदद की गुहार लगाते थे।
ममता ने कहा
“BJP अध्यक्ष मुझे कई बार फोन करके मदद मांगते थे, लेकिन मैंने यह बात कभी मीडिया को नहीं बताई। बीजेपी को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक दलों के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। जब भी बीजेपी ने मदद मांगी, मैंने उनके बुरे दिनों में उनका साथ दिया और खुद भी उन्हें फोन किया। मैं यहीं हूँ और यहीं रहूंगी। जब तक जिंदा हूँ, एक बहादुर की तरह लड़ती रहूंगी।”
“177 सीटों पर हुई वोटों की गिनती में धांधली”, पुलिस को दी घेराव की धमकी
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के नतीजों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए बड़ा आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने राज्य की 294 में से 177 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती में धांधली की है।
इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस लोगों को यहां आने दे, वरना हम कोलकाता पुलिस मुख्यालय का घेराव करेंगे।”
गद्दारों को ‘ईश्वर-अल्ला’ का संदेश और भतीजे अभिषेक पर हमले का जिक्र
पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और टीएमसी की बैठकों से गायब रहने वाले बागी विधायकों को भी ममता ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने गायब विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा, “जो हमसे गद्दारी कर रहे हैं, हम उनसे बस यही कहेंगे कि ‘ईश्वर अल्ला तेरे नाम, सबको सम्मति दे भगवान’।”
ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए माहौल को और गरमा दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर उस दिन वह पत्थर अभिषेक के सिर पर लगा होता, तो उसकी मौके पर ही मौत हो सकती थी।”
धरने पर ममता के साथ जुटे टीएमसी के ये दिग्गज चेहरे
टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों के विरोध में आयोजित इस धरने में ममता बनर्जी के साथ पार्टी के कई बड़े चेहरे सड़क पर उतरे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सांसद: डोला सेन और कल्याण बनर्जी।
- विधायक: चंद्रिमा भट्टाचार्य, सोवनदेव चट्टोपाध्याय, मदन मित्रा, नान्या बंदोपाध्याय, अशोक देब और असीमा पात्रा।
ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे राज्य में जहां-जहां महापुरुषों (मनीषियों) की प्रतिमाएं हैं, वहां जाकर माल्यार्पण करें और वे खुद भी इस मुहिम में शामिल होने के लिए जल्द ही सड़कों पर निकलेंगी।


