देखें-अभिषेक बनर्जी पर हमले का वीडियो : ममता, खरगे और अखिलेश ने भाजपा को घेरा

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी पर स्थानीय स्तर पर हुए इस हमले के बाद ‘विपक्षी एकजुटता बनाम भाजपा शासित प्रशासन’ की एक नई तस्वीर उभरकर सामने आई है।

इस घटना के बाद इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं ने एकजुट होकर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और केंद्र की राजनीति पर चौतरफा हमला बोल दिया है।

सोनारपुर में चुनावी हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी को स्थानीय लोगों और कथित उपद्रवियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। इस घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने खुद बयान जारी कर कहा:

“वे मुझे मारना चाहते थे, यह पूरी साजिश भाजपा द्वारा प्रायोजित है।”

इस हमले के बाद टीएमसी के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन के प्रमुख चेहरों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में बेहद तल्ख लहजे का इस्तेमाल किया। उन्होंने टीएमसी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा:

“RULERS BECAME KILLERS- shame on you BJP” (शासक ही हत्यारे बन गए हैं, भाजपा तुम्हें शर्म आनी चाहिए)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इतने संवेदनशील माहौल में भी अभिषेक बनर्जी को पुलिस सुरक्षा न मिलना भाजपा सरकार की ‘नफरत भरी और हिंसक राजनीति’ को दर्शाता है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को जानबूझकर पर्याप्त सुरक्षा न देना भाजपा की ‘प्रतिशोध की राजनीति’ का प्रमाण है। खरगे ने मांग की कि सरकार सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

https://twitter.com/ANI/status/2060684033559073236

TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा:

  • मतगणना के ठीक बाद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को क्यों कम या हटा दिया गया?
  • जब भाजपा समर्थकों द्वारा उनकी ‘लिंचिंग’ की कोशिश की जा रही थी, तब पुलिस कहां थी?

चौतरफा हमलों के बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पार्टी का रुख साफ करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

  • भाजपा की संलिप्तता नहीं: सामिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि इस अंडे फेंकने और मारपीट की घटना में भाजपा का कोई हाथ नहीं है।
  • जनता का आक्रोश: उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में ऐसी हिंसा स्वीकार्य नहीं है, लेकिन यह टीएमसी के पिछले 15 वर्षों के अहंकार और कुशासन के खिलाफ जनता का गहरा असंतोष हो सकता है। चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया है कि एकदलीय वर्चस्व हमेशा नहीं रहता।

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