Melody के चक्कर में रॉकेट बना ₹5 का शेयर, PM मोदी के गिफ्ट से कन्फ्यूजन

मुंबई: शेयर बाजार में कब, कौन सा स्टॉक किस वजह से रॉकेट बन जाए, इसकी भविष्यवाणी बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं कर सकते। बाजार में इन दिनों ‘गलत पहचान’ (Wrong Identity) का एक ऐसा ही मजेदार और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ‘मेलोडी ट्विस्ट’ ने सालभर से कौड़ियों के भाव बिक रहे एक रियल एस्टेट शेयर की किस्मत बदल दी है।

महज 5 रुपये के इस छुटकू शेयर में निवेशकों ने ‘पारले’ नाम देखकर अंधाधुंध बाइंग (Buying) शुरू कर दी और सिर्फ 5 दिनों में यह स्टॉक 33% से ज्यादा उछल गया। मजेदार बात यह है कि जिस कंपनी के शेयर में लगातार अपर सर्किट लग रहा है, उसका ‘मेलोडी’ टॉफी या पारले-जी बिस्कुट से दूर-दूर तक कोई नाता ही नहीं है!

इस तूफानी तेजी की पटकथा भारत से दूर इटली में लिखी गई। बीते दिनों इटली यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) को भारत की मशहूर टॉफी ‘पारले मेलोडी’ (Parle Melody) का एक पैकेट गिफ्ट किया था।

20 मई को इटली की पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर इस मीठे तोहफे के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर #Melody ट्रेंड करने लगा।

सोशल मीडिया पर मेलोडी का ट्रेंड देखना था कि शेयर बाजार के निवेशकों में ‘पारले’ नाम के शेयर को खरीदने की होड़ मच गई। निवेशकों को लगा कि वे मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी के शेयर खरीद रहे हैं।

मार्केट का बड़ा सच: मेलोडी, पारले-जी, मोनाको और हाइड एंड सीक जैसे ब्रांड बनाने वाली असली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है, यह एक प्राइवेट कंपनी है।

लेकिन निवेशकों ने बिना सोचे-समझे बाजार में लिस्टेड ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयर खरीदने शुरू कर दिए, जो कि असल में एक इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी है। नाम की इसी समानता (कन्फ्यूजन) के कारण इस धराशायी पड़े शेयर में अचानक जान आ गई।

जो शेयर पिछले एक साल से पूरी तरह सोया हुआ था और अपनी वैल्यू का लगभग 70% गंवा चुका था, वह अब आसमान छू रहा है:

  • ₹5 से ₹6.67 का सफर: बीते 19 मई को पारले इंडस्ट्रीज के एक शेयर की कीमत महज 5 रुपये थी। मेलोनी का वीडियो आते ही 20 मई से इसमें लगातार अपर सर्किट लगना शुरू हो गया।
  • मार्केट कैप बढ़ा: दनादन अपर सर्किट के दम पर यह शेयर 5 दिनों में 33 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 6.67 रुपये पर पहुंच गया, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) बढ़कर 32.58 करोड़ रुपये हो गया।

इत्तेफाक का अनोखा खेल: दिलचस्प बात यह है कि पारले इंडस्ट्रीज (रियल एस्टेट कंपनी) की स्थापना भी उसी 1980 के दशक में हुई थी, जब पारले प्रोडक्ट्स ने अपनी मशहूर ‘मेलोडी’ टॉफी को बाजार में लॉन्च किया था। काम अलग होने के बावजूद सिर्फ एक ‘नाम’ के सहारे निवेशकों की चांदी हो गई है। हालांकि, बाजार के जानकार ऐसे ‘कन्फ्यूजन’ वाले कबाड़ शेयरों में पैसा लगाने से बचने की सलाह देते हैं।

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