टीएमसी का एलान: केंद्रीय बलों की ‘क्रूरता’ सहने वाले कार्यकर्ताओं को किया जाएगा सम्मानित

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता बनर्जी और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक वर्चुअल सभा के जरिए न केवल जीत का भारी आत्मविश्वास दिखाया, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और केंद्रीय बलों को सीधी चेतावनी भी दे डाली है।

अक्सर चुनावों के बाद आने वाले एग्जिट पोल्स को ममता बनर्जी ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये आंकड़े जनता की राय नहीं, बल्कि शेयर मार्केट को मैनिपुलेट (हेरफेर) करने की एक सोची-समझी साजिश है। ममता का कहना है कि 2021 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी ये भविष्यवाणियां धराशायी होंगी और टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास दोहराएगी।

ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान तैनात किए गए ऑब्जर्वर्स और पुलिस अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कड़े लहजे में कहा:

“जो ऑब्जर्वर यह सोच रहे हैं कि 4 तारीख के बाद वे अपने राज्यों (यूपी या अन्य) में लौटकर बच जाएंगे, वे गलतफहमी में हैं। संविधान के विरुद्ध काम करने वाले हर एक अधिकारी को हम अदालत तक घसीटेंगे।”

पार्टी ने उन कार्यकर्ताओं और महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित करने का वादा किया है, जिन्होंने चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की कथित ‘क्रूरता’ का डटकर मुकाबला किया।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने केंद्रीय बलों के जरिए गांवों में महिलाओं और बच्चों तक को डराने की कोशिश की, लेकिन टीएमसी के जमीनी कार्यकर्ताओं ने उन्हें हर मोड़ पर रोका।

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को अपनी बड़ी जीत बताया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अब काउंटिंग सेंटर्स पर केवल केंद्रीय कर्मचारी ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। अभिषेक के मुताबिक, यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और बीजेपी की उन कोशिशों को नाकाम करेगा जो गिनती प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती थीं।

  • नया रिकॉर्ड: टीएमसी का दावा है कि उनकी जीत 2021 के आंकड़ों को भी पार कर जाएगी।
  • कानूनी कार्रवाई: चुनाव प्रक्रिया में शामिल ‘पक्षपाती’ अधिकारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कानूनी मोर्चा खोलने की तैयारी।
  • एग्जिट पोल बनाम असलियत: ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को केवल आर्थिक लाभ (शेयर बाजार) के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला टूल बताया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति अब 4 जून के नतीजों पर टिकी है, लेकिन ममता बनर्जी के इस आक्रामक रुख ने साफ कर दिया है कि चुनाव बाद की लड़ाई सड़कों से लेकर अदालतों तक लड़ी जाएगी।

Related Articles

Back to top button