गर्मी का असर: क्यों बढ़ रहे हैं अंडों के दाम? जानिए कीमतों में उछाल की असली वजह

देशभर में बढ़ती गर्मी का असर अब आम लोगों की थाली पर भी दिखने लगा है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर तक कई राज्यों में अंडों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हैदराबाद, मंगलुरु और असम जैसे इलाकों में अंडे 7 रुपये प्रति पीस तक बिक रहे हैं।

1. भीषण गर्मी से उत्पादन घटता है

गर्मियों में पोल्ट्री फार्म पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है।

  • ज्यादा तापमान से मुर्गियों की सेहत खराब होती है
  • अंडा देने की क्षमता कम हो जाती है
  • मृत्यु दर 20–30% तक बढ़ जाती है

इस वजह से बाजार में अंडों की सप्लाई घट जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं।

दक्षिण भारत के राज्य खाड़ी देशों को बड़ी मात्रा में अंडे निर्यात करते हैं।

  • मार्च में पश्चिम एशिया संकट के कारण निर्यात रुक गया था
  • अब निर्यात धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है (करीब 50% क्षमता पर)

निर्यात बढ़ने से घरेलू बाजार में उपलब्धता कम हो जाती है, जिससे दाम ऊपर जाते हैं।

हालांकि कुछ जगहों पर मांग कमजोर बताई जा रही है, लेकिन कुल मिलाकर:

  • सप्लाई में कमी
  • मांग लगभग स्थिर

इस असंतुलन से कीमतों में तेजी आती है।

मार्च में पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण निर्यात रुक गया था, जिससे:

  • बाजार में ज्यादा सप्लाई आ गई
  • थोक कीमतें गिरकर 5.40 रुपये तक पहुंच गईं

अब हालात सामान्य होने पर कीमतें फिर बढ़ने लगी हैं।

  • हैदराबाद: 2 हफ्तों में 4 रुपये से 7 रुपये प्रति अंडा
  • मंगलुरु: थोक 6.20 रुपये, खुदरा 7 रुपये
  • असम: एक ट्रे 170 रुपये से बढ़कर 200 रुपये
  • घरों का बजट बढ़ेगा
  • छोटे होटल और ढाबों की लागत बढ़ेगी
  • सस्ता प्रोटीन स्रोत महंगा हो जाएगा

अगर तापमान इसी तरह ऊंचा बना रहा तो अंडों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि मानसून के बाद उत्पादन सामान्य होने पर राहत मिल सकती है।

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