अजीत डोभाल की UAE यात्रा पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा बेनकाब, बलूच कार्यकर्ता ने दिया जवाब


भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की हालिया संयुक्त अरब अमीरात यात्रा को लेकर पाकिस्तान में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों को अब खुद बलूच कार्यकर्ताओं ने खारिज कर दिया है।

पाकिस्तानी पत्रकार के आरोप

पाकिस्तानी पत्रकार अबसार आलम ने दावा किया कि डोभाल की अबू धाबी यात्रा बलूचिस्तान से जुड़े किसी “साजिश” का हिस्सा हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब पाकिस्तान ईरान और मिडिल ईस्ट के साथ व्यापारिक रास्ते खोलने की कोशिश कर रहा है, तब भारत इसे बाधित करने की योजना बना रहा है।

आलम ने यह भी कहा कि ग्वादर समेत कई सीमा चौकियां खोल दी गई हैं, जिससे पाकिस्तान को क्षेत्रीय व्यापार में बढ़त मिल सकती है।

झूठे दावों की खुली पोल

अबसार आलम ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कराची बंदरगाह पर हजारों कंटेनर फंसे हुए हैं, लेकिन इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

बलूच कार्यकर्ता का जवाब

बलूच पत्रकार किया बलूच ने इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान का इस्तेमाल साजिश की थ्योरी फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि डोभाल की UAE यात्रा की जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी थी और यह कोई गुप्त मिशन नहीं था।

बैठक का असली एजेंडा क्या था?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25-26 अप्रैल को हुई इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना था।

इस दौरान डोभाल ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की।

इसके अलावा, इससे पहले भी वे सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं, जिसमें विदेश मंत्री और ऊर्जा मंत्री शामिल थे।

निष्कर्ष

पाकिस्तानी मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा अजीत डोभाल की UAE यात्रा को लेकर साजिश के दावे किए गए, लेकिन तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ये आरोप बेबुनियाद साबित हो रहे हैं।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े मुद्दों पर अफवाहों और प्रोपेगेंडा से सावधान रहने की जरूरत है।

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