मिशन 2026: क्या बेनेट और लैपिड की ‘टुगेदर’ जोड़ी फिर छीन लेगी नेतन्याहू की सत्ता?’
जुबिली स्पेशल डेस्क
तेल अवीव। इजराइल की राजनीति में एक बार फिर वही समीकरण लौट रहे हैं, जिन्होंने कभी बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट और येर लैपिड ने साल 2026 के अंत में होने वाले संभावित चुनावों के लिए हाथ मिला लिया है। इस नए गठबंधन का नाम ‘टुगेदर’ (Together) रखा गया है, जिसका सीधा मुकाबला देश के सबसे लंबे समय तक पीएम रहे नेतन्याहू से होगा।
दक्षिणपंथ और उदारवाद का ‘देशभक्ति’ गठबंधन
इजराइल के बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट करने के लिए बेनेट और लैपिड ने मतभेदों को किनारे रख दिया है।
- नेतृत्व: गठबंधन की कमान नफ्टाली बेनेट के हाथों में होगी।
- भरोसा: येर लैपिड ने बेनेट को एक ‘ईमानदार दक्षिणपंथी’ बताते हुए कहा कि यह गठबंधन आपसी भरोसे और देश को आगे ले जाने की सोच पर टिका है।
- इतिहास: यह जोड़ी पहले भी दो बार (2013 और 2021) नेतन्याहू के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुकी है। 2021 में इसी जोड़ी ने नेतन्याहू का 12 साल पुराना शासन खत्म किया था।
7 अक्टूबर की ‘सुरक्षा चूक’ बनेगा चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा
इस गठबंधन ने सत्ता में आने पर एक बड़ा वादा किया है, जो नेतन्याहू सरकार के लिए गले की हड्डी बन सकता है। बेनेट ने घोषणा की है कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमलों के पीछे की सुरक्षा खामियों की जांच के लिए एक राष्ट्रीय जांच आयोग गठित किया जाएगा। वर्तमान सरकार अब तक ऐसी किसी भी स्वतंत्र जांच से बचती रही है।
क्या कहते हैं चुनावी आंकड़े?
120 सीटों वाली इजराइली संसद (नेसेट) के लिए हालिया सर्वे संकेत दे रहे हैं कि नेतन्याहू की पकड़ कमजोर हो रही है:
- लिकुड पार्टी (नेतन्याहू): 25 सीटें मिलने का अनुमान।
- बेनेट (स्वतंत्र चेहरा): 21 सीटें (बड़ी बढ़त)।
- येश अतीद (लैपिड): 7 सीटें।
गाजा युद्ध और सुरक्षा विफलताओं के कारण नेतन्याहू की लोकप्रियता में भारी गिरावट देखी गई है। ऐसे में बेनेट (पूर्व कमांडो और टेक टाइकून) और लैपिड (मध्यम वर्ग का चेहरा) की जोड़ी वोटरों को एक वैकल्पिक स्थिरता का भरोसा दे रही है।


