‘न झुकेंगे, न रुकेंगे’: जानलेवा हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान, सुरक्षा नीति बदलने से किया इनकार

वॉशिंगटन डी.सी.।व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल अपनी सुरक्षा टीम की बहादुरी को सलाम किया है, बल्कि देश के सामने अपनी अडिग छवि को भी मजबूती से पेश किया है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने साफ कर दिया कि इस तरह की हिंसा उनके सार्वजनिक जीवन के तरीके को नहीं बदल पाएगी।

  • जांच एजेंसी: मेट्रोपॉलिटन पुलिस और सीक्रेट सर्विस की जॉइंट इन्वेस्टिगेशन
  • हमलावर: कोल थॉमस (कैलिफोर्निया निवासी), इंजीनियरिंग बैकग्राउंड
  • बरामदगी: शॉटगन, हैंडगन और चाकू
  • ट्रंप का रुख: “Let the show go on” – कार्यक्रम जारी रखने की पैरवी

1. सुरक्षा नीति पर अडिग: “मैं पीछे नहीं हट सकता” जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या इस हमले के बाद वह इनडोर और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कटौती करेंगे, तो उन्होंने दो-टूक जवाब दिया-“मैं ऐसा नहीं कर सकता।” ट्रंप ने आयोजन स्थल की सुरक्षा पर भरोसा जताते हुए स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनता के बीच जाना अनिवार्य है और वह डर के कारण अपनी कार्यशैली नहीं बदलेंगे।

2. ‘लोन वुल्फ’ अटैक की आशंका: विदेशी साजिश से इनकार मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनावों, विशेषकर ईरान के साथ जारी गतिरोध के बीच ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार यह किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा नहीं लगता।

  • अकेला हमलावर: संकेत मिल रहे हैं कि कैलिफोर्निया का रहने वाला हमलावर अकेले ही इस साजिश को अंजाम दे रहा था।
  • पारदर्शिता का वादा: ट्रंप ने खुद घटना का वीडियो जारी करने का आदेश दिया है ताकि जनता सुरक्षा बलों की कार्रवाई और हमलावर की हरकतों को देख सके।

ट्रंप ने स्वीकार किया कि हमलावर का प्राथमिक टारगेट संभवतः वह खुद ही थे। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ने हथियारों के जखीरे के साथ सुरक्षा घेरा (मैग्नेटोमीटर) तोड़ने की कोशिश की थी, जो सीधे तौर पर एक बड़ी अनहोनी का संकेत था।

घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्माने के बजाय ट्रंप ने शांति की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने का रास्ता लोकतांत्रिक चर्चा है, न कि हिंसा।

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