प्राइवेट स्कूलों पर NHRC की कार्रवाई, सभी राज्यों को नोटिस

देश के कई हिस्सों से अभिभावकों ने शिकायत की है कि कुछ प्राइवेट स्कूल छात्रों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने का दबाव डाल रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर अब बड़ा कदम उठाया गया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।

यह कार्रवाई नमो फाउंडेशन द्वारा दायर शिकायत के आधार पर की गई है।

आयोग ने राज्यों से यह रिपोर्ट मांगी है कि राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति और शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 29 का पालन किस तरह किया जा रहा है।

इसके साथ ही SCERT और निजी स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पुस्तकों के बीच अंतर को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

NHRC ने कहा है कि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच किताबों और पाठ्यक्रम को लेकर अंतर करना “अकादमिक भेदभाव” की श्रेणी में आ सकता है।

आयोग ने यह भी पूछा है कि जब सरकारी स्कूलों में NCERT/SCERT की किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, तो निजी स्कूलों में इसी व्यवस्था को लागू करने में क्या बाधा है।

शिक्षा मंत्रालय से भी जवाब तलब

शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को भी नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कक्षा 8 तक बोर्ड और अकादमिक प्राधिकरण के पाठ्यक्रम में अंतर क्यों है।

यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की फीस नीति पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। NHRC की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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