अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का ‘सीक्रेट’ ब्लूप्रिंट; छावनी में तब्दील हुए दो महाद्वीप के शहर

मुख्य हाइलाइट्स

  • इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात।
  • मैरियट होटल को सरकार ने वीवीआईपी इवेंट के लिए अधिग्रहित किया।
  • रोम में ओमान दूतावास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई।
  • अमेरिका-ईरान के बीच ‘शांति वार्ता’ के दूसरे दौर की संभावना।

इस्लामाबाद/रोम: दुनिया की नजरें इस वक्त पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और इटली के रोम पर टिकी हैं। कूटनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘शांति वार्ता’ का दूसरा दौर शुरू होने वाला है।

हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन जमीन पर चल रही युद्ध स्तर की तैयारियां गवाही दे रही हैं कि कुछ बहुत बड़ा होने वाला है।

इस्लामाबाद: होटल खाली, बस अड्डे बंद और स्नाइपर्स का पहरा

पाकिस्तान की राजधानी में इस वक्त किसी हॉलीवुड सस्पेंस थ्रिलर जैसा मंजर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ‘आयरन क्लैड’ (लोहे जैसा अभेद्य) बनाने के लिए शहर की रफ्तार रोक दी है।

  • मैरियट और सेरेना पर सरकारी कब्जा: इस्लामाबाद के मशहूर फाइव स्टार होटल ‘मैरियट’ के मेहमानों को रविवार दोपहर 3 बजे तक कमरे खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। सरकार ने पूरे होटल को अपने नियंत्रण में ले लिया है। वहीं, ‘सेरेना होटल’ ने भी अपनी सभी बुकिंग्स पर ताला लगा दिया है।
  • 10,000 जवानों का सुरक्षा घेरा: परिंदा भी पर न मार सके, इसके लिए 400 एलीट कमांडो, 100 शार्प शूटर्स (स्नाइपर्स) और हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
  • नूर खान एयरबेस पर ‘कर्फ्यू’: विदेशी मेहमानों के आगमन के लिए एयरबेस के आसपास के रिहायशी इलाकों में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।

रोम में भी ‘हाई अलर्ट’: ओमान की मध्यस्थता?

सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, इटली की राजधानी रोम में भी हलचल तेज है। वहां ओमान के दूतावास के बाहर सुरक्षा को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। जानकारों का मानना है कि ओमान, जो परंपरागत रूप से दोनों देशों के बीच सेतु का काम करता रहा है, इस बार रोम में समानांतर बातचीत की मेजबानी कर सकता है।

ट्रंप का दौरा और ‘ग्रैंड सर्च ऑपरेशन’

चर्चा है कि अगर इस्लामाबाद में बातचीत सफल रहती है और किसी समझौते की गुंजाइश बनती है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति खुद वहां का दौरा कर सकते हैं।

  • सर्च ऑपरेशन: इस्लामाबाद पुलिस ने आईजी के निर्देश पर ‘ग्रैंड कॉम्बिंग ऑपरेशन’ चलाया है। अब तक 1100 से ज्यादा घरों और 800 से ज्यादा संदिग्धों की चेकिंग की जा चुकी है।
  • ऑनलाइन क्लासेस: सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ने अपनी कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं और बड़े सार्वजनिक आयोजनों (तब्लीगी इज्तिमा) को टालने का अनुरोध किया गया है।

क्या पिघलेगी दशकों की बर्फ?

अमेरिका और ईरान की एडवांस सिक्योरिटी टीमें इस्लामाबाद पहुंच चुकी हैं। ट्रंप का संभावित दौरा इस बात का संकेत है कि यह बातचीत सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि निर्णायक हो सकती है। यदि इस्लामाबाद की धरती पर कोई समझौता होता है, तो यह दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व की भू-राजनीति (Geopolitics) को हमेशा के लिए बदल देगा।


डिजिटल सुरक्षा पर एक नज़र (संबंधित संदर्भ)

जहाँ एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘हनीट्रैप’ और स्पाई थ्रिलर जैसी कूटनीति चल रही है, वहीं आम नागरिकों के लिए भी डिजिटल दुनिया कम खतरनाक नहीं है। हाल ही में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले हनीट्रैप गिरोहों का पर्दाफाश होना यह बताता है कि चाहे ग्लोबल पॉलिटिक्स हो या पर्सनल लाइफ, ‘अनजान संपर्कों’ से सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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