राहुल गांधी का सरकार पर हमला, महिला आरक्षण और परिसीमन को बताया ‘राजनीतिक कदम’

नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा “राजनीतिक इंजीनियरिंग” का हिस्सा है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जानती थी कि यह विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित नहीं हो सकता, फिर भी इसे लाया गया।

उन्होंने कहा—

  • यह एक “पैनिक रिएक्शन” है
  • सरकार दो संदेश देना चाहती है
    • चुनावी नक्शा बदलना
    • खुद को महिलाओं के समर्थक के रूप में पेश करना

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि—

“यह महिलाओं का बिल नहीं है, बल्कि भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है।”

उनके अनुसार, सरकार महिला आरक्षण को एक “कवर” के तौर पर इस्तेमाल कर रही है ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन से—

  • OBC और दलित समुदाय की राजनीतिक ताकत कमजोर हो सकती है
  • सामाजिक न्याय के ढांचे पर असर पड़ सकता है

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जातीय जनगणना को जानबूझकर प्रतिनिधित्व से अलग किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि—

  • सरकार देश का “पॉलिटिकल मैप” बदलना चाहती है
  • पहले असम और जम्मू-कश्मीर में ऐसे प्रयोग किए गए
  • अब पूरे देश में इसे लागू करने की कोशिश हो रही है

उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वे देश की “ड्राइविंग फोर्स” हैं। लेकिन मौजूदा विधेयक उनके वास्तविक सशक्तिकरण से जुड़ा नहीं है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष इस कदम का विरोध करेगा और लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित करने वाली किसी भी कोशिश का मुकाबला करेगा।

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