ट्रंप का दावा: इसराइल-लेबनान बातचीत से मिल सकता है ‘राहत का मौका’, लेबनान ने कहा

जुबिली न्यूज डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इसराइल और लेबनान के बीच बातचीत “राहत का अवसर” बन सकती है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच लंबे समय से, करीब 34 साल बाद, बातचीत की संभावना बन रही है और यह बातचीत कल हो सकती है।
हालांकि, लेबनान के एक अधिकारी ने ट्रंप के इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें इस तरह की किसी तय बातचीत की जानकारी नहीं है और न ही कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
वर्षों बाद बातचीत की कोशिश
रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 अप्रैल को लेबनान और इसराइल के बीच करीब 34 साल बाद पहली बार कूटनीतिक संपर्क हुआ था। इसका उद्देश्य इसराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष को कम करना बताया गया है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस पहल की मध्यस्थता की थी और इसे हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को कम करने का “ऐतिहासिक अवसर” बताया था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि दोनों देश सीधी बातचीत शुरू करने पर सहमत हो चुके हैं, हालांकि इसकी तारीख और स्थान अभी तय नहीं हुआ है।
लंबे समय से तनाव जारी
इसराइल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। दोनों देशों के बीच आखिरी उच्च स्तरीय प्रत्यक्ष बातचीत 1993 में हुई थी।
हाल के महीनों में सीमा पर तनाव और सैन्य कार्रवाई के कारण हालात और गंभीर हुए हैं। 2 मार्च से शुरू हुए सैन्य ऑपरेशन के बाद अब तक हजारों लोगों की मौत की रिपोर्ट है, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।



