अडानी ग्रीन एनर्जी को मिला ESG में बड़ा सम्मान, 87.3 स्कोर के साथ बनी देश की टॉप कंपनी

नई दिल्ली: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) को केयरएज-ईएसजी (CareEdge-ESG) रेटिंग लिमिटेड से 1+ ESG रेटिंग मिली है। कंपनी को यह रेटिंग 87.3 के उच्च स्कोर के साथ दी गई है, जिससे यह मूल्यांकन की गई भारतीय कंपनियों में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।
CareEdge-ESG, जो सेबी के साथ पंजीकृत ESG रेटिंग एजेंसी है, ने अपने आकलन में कहा कि अडानी ग्रीन एनर्जी का प्रदर्शन सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार कंपनी ने जलवायु परिवर्तन जोखिम प्रबंधन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही कंपनी के गवर्नेंस मॉडल और पारदर्शी रिपोर्टिंग सिस्टम को भी मजबूत बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ESG मूल्यांकन पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस मानकों के व्यापक विश्लेषण पर आधारित होता है, जिसमें उद्योग के अन्य खिलाड़ियों से तुलना भी शामिल होती है।
कंपनी को क्या होगा फायदा
इस उच्च ESG रेटिंग से अडानी ग्रीन एनर्जी की निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के बीच साख और मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ESG प्रदर्शन अब वैश्विक स्तर पर फंडिंग और निवेश निर्णयों में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में यह रेटिंग कंपनी के लिए बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी जुटाने में मददगार साबित हो सकती है।
कंपनी के सीईओ आशीष खन्ना ने कहा कि यह रेटिंग अडानी ग्रीन एनर्जी की ESG गवर्नेंस, जलवायु जोखिम प्रबंधन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
वहीं CareEdge-ESG के सीईओ सैकत रॉय ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन दर्शाता है कि वह अपने रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार में सस्टेनेबिलिटी को प्रभावी ढंग से शामिल कर रही है।
CareEdge-ESG के मुख्य रेटिंग अधिकारी निकुंज दुबे के अनुसार 87.3 का स्कोर कंपनी के भविष्य-उन्मुख और व्यवस्थित ESG दृष्टिकोण को दर्शाता है।
अडानी ग्रीन एनर्जी ने कहा कि वह नेट वॉटर पॉजिटिव, सिंगल-यूज प्लास्टिक फ्री और जीरो-वेस्ट-टू-लैंडफिल जैसे मानकों को अपनाकर सस्टेनेबल एनर्जी सेक्टर में अपनी स्थिति और मजबूत कर रही है।
