अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, शंकराचार्य का भी किया जिक्र

जुबिली न्यूज डेस्क
अखिलेश यादव ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसे “सत्य और न्याय की जीत” बताया।

‘सत्य को दबाया नहीं जा सकता’ — अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने लिखा कि आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ सत्य और न्याय खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आरोप इतने बड़े नहीं हो सकते कि वे सच को ढक सकें। उनके अनुसार, इस फैसले से ईमानदार लोगों को राहत मिली है, जबकि भाजपा समर्थकों को आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर दिल्ली की जनता से “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया और कहा कि यह फैसला पार्टी के लिए “नैतिक मृत्युदंड” के समान है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भी जिक्र
अपने बयान में अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग साधु-संतों और शंकराचार्य पर झूठे आरोप लगा सकते हैं, वे किसी भी व्यक्ति या दल को बदनाम करने की हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए भाजपा और उसके वैचारिक सहयोगियों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसे विचारों की राजनीति करने वाले अब जनता को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।
दिल्ली आबकारी नीति मामला: क्या है पृष्ठभूमि?
दिल्ली आबकारी नीति मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने। बाद में 13 सितंबर 2024 को उन्हें उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली।
जेल जाने के बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि वे तभी पद पर लौटेंगे जब निर्दोष साबित होंगे।इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी करीब 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
केजरीवाल के बरी होने के बाद विपक्षी दलों की ओर से भाजपा पर हमले तेज हो गए हैं। वहीं, कुछ दलों ने जवाबदेही तय करने के लिए नए कानून की मांग भी की है। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को आने वाले चुनावों से पहले बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।



