जुबिली स्पेशल डेस्क
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पॉक्सो कोर्ट के निर्देश पर रविवार को उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है। दोनों पर नाबालिगों के कथित यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “हमारा अंतःकरण हमारे साथ है। यह पूरी कहानी बनावटी है और झूठ जल्द ही सामने आ जाएगा। पुलिस ने हमारे साथ ज्यादती की है।”
जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा शासित प्रदेश की पुलिस पर भरोसा नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस से जांच कराने की मांग की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी एजेंसी जांच करे, वे पूरा सहयोग देंगे।
उन्होंने कहा कि फिलहाल गिरफ्तारी की स्थिति नहीं है, लेकिन यदि पुलिस कार्रवाई करती है तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे। “सार्वजनिक जीवन में हम कैमरों की जद में रहे हैं। प्रयागराज में हर जगह सीसीटीवी लगे हैं, सच्चाई सामने आ जाएगी,” उन्होंने कहा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप है कि पिछले वर्ष उनके कैंप में दो नाबालिगों के साथ कथित शोषण हुआ। यह मामला 2025 के महाकुंभ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि संबंधित बच्चे कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए और उनका उनसे कोई संबंध नहीं है।
इस बीच प्रयागराज के झूंसी थाने से पुलिस टीम वाराणसी पहुंची है, जहां उनसे पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। पॉक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर झूंसी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और मेडिकल व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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