जुबिली न्यूज डेस्क
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने फॉर्म 7 के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद् में प्रतिक्रिया दी और विपक्षी दलों पर तंज कसा।

सीएम योगी का विपक्ष पर तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दल संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार करने से नहीं चूक रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस मामले में इतनी चिल्लाहट क्यों मची हुई है। सीएम ने कांग्रेस का उदाहरण देते हुए सपा को चेतावनी दी कि यदि इसी तरह आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे, तो सपा भी विधान परिषद् और विधानसभा में “विहीन” हो जाएगी।
योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में मतदाता सूची का पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार तंत्र कार्य करता है और सरकार उसका हिस्सा नहीं है।
फॉर्म 7 पर विवाद
सीएम ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया में लगभग 2 करोड़ 88 लाख लोग अनुपस्थित पाए गए, मृत पाए गए या शिफ्ट हो गए। उन्होंने कहा कि सपा इसे अपने वोट बैंक के लिए फर्जी तरीके से इस्तेमाल करने का प्रयास करती है और इसी कारण वह फॉर्म 7 के दुरुपयोग को लेकर चिल्ला रही है।
योगी आदित्यनाथ ने फॉर्म की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि फॉर्म 6 में नाम जोड़ने या मतदाता बनने का आवेदन होता है, जबकि फॉर्म 7 का इस्तेमाल किसी का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए होता है। यदि कोई व्यक्ति भौतिक रूप से उपस्थित हो जाता है, तो वह फॉर्म स्वतः निरस्त हो जाता है।
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कांग्रेस का उदाहरण देकर सपा को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सपा से कहूंगा कि कम से कम कांग्रेस से सबक लें। विधान परिषद् में अब कांग्रेस का कोई सदस्य नहीं है। अगर आप इसी तरह अनर्गल आरोप लगाते रहेंगे तो विधानसभा और परिषद् में सपा भी विहीन हो जाएगी।”
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और फॉर्म 7 को लेकर यह विवाद फिलहाल जारी है और सपा तथा भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज बनी हुई है।
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