जुबिली स्पेशल डेस्क
प्रयागराज। माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज पर जाने से रोकने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
इस घटनाक्रम के विरोध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए। मामला सियासी रंग भी लेता दिख रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल लिया और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।

वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहते नजर आ रहे हैं,
“हम अपनी लड़ाई चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह लड़ रहे हैं। जन्म से ही हर हिंदू बच्चे का गंगा में स्नान करना जन्मसिद्ध अधिकार होता है, लेकिन हमें संगम स्नान से वंचित कर दिया गया। इसने एक बड़ा संवैधानिक प्रश्न खड़ा किया है।”
अखिलेश यादव ने फोन पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने सबसे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि आपके साथ जो व्यवहार किया गया, वह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और इसमें शामिल लोग बहुत खराब हैं।
अखिलेश ने वाराणसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी मंदिर तोड़े गए, जबकि प्रशासन इसे नकार रहा है। इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि अब तक लगभग 150 मंदिर तोड़े जा चुके हैं और यह सिलसिला अब भी जारी है। अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हैं और जल्द ही उनसे मिलने आएंगे।
पूरा मामला क्या है?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार (18 जनवरी) को बताया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले के दौरान राज्य प्रशासन ने उन्हें संगम नोज की ओर जाने से रोक दिया। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें संगम घाट जाते समय बीच रास्ते में रोक दिया।
स्वामी ने कहा कि उन्हें और उनके अनुयायियों को पवित्र स्नान किए बिना ही अपने अखाड़े लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पालकी को बीच रास्ते में रोक दिया गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से बात की. pic.twitter.com/RiDgDvJxxR
— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) January 20, 2026
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
