…और अब झारखंड कांग्रेस में संकट!

जुबिली न्यूज डेस्क

कांग्रेस के संकट का कोई अंत नहीं है। एक राज्य में पार्टी में मची रार थमती नहीं कि दूसरे राज्य में शुरु हो जाती है। दूसरे कांग्रेस में जो सबसे बड़ी समस्या है वह है नेताओं का बगावती तेवर और अनुशासनहीनता।

यदि यह कहें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है तो गलत नहीं होगा। हाल ही में सोनिया ने कहा था कि कांग्रेस के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है और उससे निपटने के लिए एकजुटता जरूरी है।

लेकिन पार्टी में ऐसा दिख नहीं रहा। कांग्रेस नेता ही पार्टी की लुटिया डुबोने में लगे हैं।

दरअसल पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल जैसे राज्यों में कलह का सामना कर रही कांग्रेस अब झारखंड में भी गुटबाजी और बगावत का शिकार होती दिख रही है।

झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस में सब ठीक नजर नहीं आ रहा। खबर है कि पार्टी के कम से कम 4 असंतुष्ट विधायकों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है।

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नाराज कांग्रेस विधायक सरकार में शामिल कांग्रेस के चार मंत्रियों पर काम नहीं करने के आरोप लगा रहे हैं।

कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस ने दिल्ली में बैठक आयोजित की थी, जिसमें झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेताओं को तलब किया गया था।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, जमताड़ा विधायक इरफान अंसारी के नेतृत्व में कम से कम 4 विधायक राहुल गांधी से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

अंसारी के मुताबिक, वे पार्टी के पांच और विधायकों के संपर्क में हैं, जो दिल्ली में उनके साथ बैठक में शामिल होंगे।

वहीं असंतुष्ट विधायकों उमाशंकर अकेला, नमन विक्सल कोंगारी, राजेश कछप और इरफान अंसारी की बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इरफान अंसारी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के मंत्रियों की ओर से उन्हें दरकिनार किया जा रहा है और वे उनसे मिलने के लिए भी तैयार नहीं हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि गठबंधन की सरकार में जो कांग्रेस के चार मंत्री हैं वो काम करने में असफल रहे हैं। इसलिए अब युवा नेताओं को मौका मिलना चाहिए।

इस दौरान अंसारी ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाए कि जिन नेताओं को लोगों ने खारिज कर दिया, उन्हें पार्टी की तरफ से मंत्री पद के लिए चुना गया।

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अंसारी ने कहा, ‘कांग्रेस कोटा के सभी चारों मंत्री काम करने में असफल रहे हैं, क्योंकि लोग उनसे खुश नहीं है और इसलिए पार्टी के युवा नेताओं को मौका दिया जाना चाहिए।’

वहीं एक अन्य विधायक कछप ने कहा कि कांग्रेस के जो मंत्री है वो उनसे मिलने के लिए तैयार नहीं हैं और उन्हें छोटे से मुद्दों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है।

इस मामले में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि अगर वे मुलाकात कर रहे हैं, तो यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अगर पार्टी के चार विधायक एक साथ मिल रहे हैं, तो यह कोई गंभीर मुद्दा नहीं है। यह मेरी जानकारी में है और किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।’

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