बिहार में क्रिकेट को लेकर HC सख्त, जांच में तेजी लाने को कहा

स्पेशल डेस्क
पटना। पटना पुलिस को अविलम्ब जॉच कर कोर्ट को रिपोर्ट सौपने का आदेश पटना हाई कोर्ट ने क्रिकेट एसोसियेसन ऑफ बिहार के मुजफ्फरपुर जिला यूनिट के सचिव मो आलमगीर के द्वारा दाखिल क्रीमीनल रिट 1104/19 पर सुनवाई के बाद दिया है।
पटना हाई कोर्ट के वकिल जगन्नाथ सिंह ने आवेदन कर्ता आलमगीर के केस में बहस किया, उन्होने कोर्ट को बताया कि गत 8 मार्च 19 से पटना के गांधी मैदान थाना मे एफआईआऱ दर्ज हुआ था, लेकिन आज तक पटना पुलिस ने जॉच कर सुपरविजन रिपोर्ट नही दिया है जिससे अभियुक्तो के अंदर से डर निकल गई है।

एक स्टींग ऑपरेशन मे बीसीए, पटना के चयनकर्ताओं के दूारा खुलेआम पैसा मॉगते हुए लोगो ने देखा था ।बिहार के बाहर के महिला पुरुष खिलाडिय़ों को जुनियर से सीनियर तक बिहार क्रिकेट टीम मे शामिल कराने के लिए कैसे हथकंडा अपना कर चुना जाता है यह सारी जानकारी 20 फरवरी 19 को एक चैनल पर स्टींग ऑपरेशन क्लीन बोल्ड के तहत पुरे विश्व क्रिकेट के लोगों ने देखा था ।
बिहार के क्रिकेटरो को प्रथम श्रेणी का मैच खेलने का मौका 18 सालो के संघर्ष के पश्चात सुप्रीम कोर्ट ने सीएबी के दूारा फायल याचिका पर 4 जनवरी 18 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था ।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशसन के वर्तमान सचिव रवि शंकर प्रसाद सिंह व अन्य लोगों की हरकतों से बिहार क्रिकेट की छवि खराब हुई थी ।
बीसीए के सचिव अपने आप को बिहार सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री को अपना सगा बोल कर सभी को मैनेज कर लिया था । पता नहीं किस दबाब मे पटना जिला के पुलिस ने एफआईआऱ दर्ज करने के बाद भी 4 महिना के बाद भी जॉच प्रभावित करने के लिए पुरे मामले को ठंडे वसते मे डाल दिया था ।
आज के पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद है कि पटना हाई कोर्ट के आदेश के आलोक मे पटना पुलिस पुरी तेजी से जॉच पुरी कर कोर्ट को रिपोर्ट सौपने का काम करेगी।



