क्‍यों खास है माइक पोम्पियो का भारत दौरा

न्‍यूज डेस्‍क

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो अपने पहले दौरे पर भारत पहुंचे हैं। मोदी सरकार के लिए बेहद खास पोम्पियो के इस दौरे भारत और अमेरिका सहित विश्‍व के कई देशों की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका के विदेश मंत्री अपने इस दौरे के दौरान ईरान से तेल निर्यात, भारत रूस के बीच एस-400 समझौते, व्यापार, पाकिस्तान से आतंकवाद को बढ़ावा और एशिया प्रशांत क्षेत्र में ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिस वक्त माइक ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की तब उनके साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, NSA अजित डोभाल भी साथ थे। पीएम मोदी से मिलने के बाद माइक विदेश मंत्री से मिलकर आतंकवाद, ईरान और एंटी मिसाइल सिस्टम S-400 पर अपनी राय रखेंगे। इस बैठक में G-20 में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी की मुलाकात का एजेंडा तय होगा।

साथ ही पाकिस्‍तान और चीन की स्थिति को लेकर अमेरिका अपना पक्ष रखेगा और आतंकवाद से निपटने के लिए महत्‍वपूर्ण सुझाव भी देगा। गौरतलब है कि अमेरिका रूस से S-400 खरीदने की भारत की कोशिशों का विरोध कर रहा है और भारत को प्रतिबंध की धमकी भी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा माइक पोम्पियो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल से भी मुलाकात करेंगे।

सूत्रों की माने तो पोम्पियो इस दौरान भारत अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव, अमेरिका की भारत से भविष्य के जुड़े हित और अमेरिका के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर भारत के समक्ष दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे।

बताते चले कि पिछले कई दिनों से जारी ग्लोबल ट्रेड वॉर के बीच भारत और अमेरिका दोनों ने अपनी चालें चलीं। अमेरिका ने भारत से तरजीह देने वाला दर्जा छीना, तो भारत ने भी अमेरिकी उत्पाद पर टैक्स बढ़ा दिए।

इन मुद्दों पर भी है खींचतान

  • रूस से एच-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद पर अमेरिका काटसा प्रतिबंध की तलवार लटका रहा है। अमेरिका नहीं चाहता कि भारत रूस से यह प्रणाली की खरीद करे। इसको लेकर दोनों देशों के बीच विवाद की स्थिति रहती है।
  • ईरान के साथ अपनी दुश्मनी की वजह अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को ईरान से तेल नहीं खरीदने की चेतावनी दी है। भारत की आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा ईरान से निर्यात होता है। ऐसी संभावना है कि इस मुद्दे पर चर्चा हो।
  • अमेरिका एच-1बी वीजा को लेकर भारत को धमका रहता है। पिछले हफ्ते ही एच-1बी वीजा कार्यक्रम की समीक्षा करने और भारत की सीमा घटाने की बात अमेरिका ने की थी। भारत इस मुद्दे पर भी पोम्पियो से बातचीत कर सकता है।

अमेरिका इन मुद्दों पर भारत का साथ चाहेगा

  • अमेरिका प्रशांत क्षेत्र में चीन के दखल से चिंतित है और वह भारत से प्रशांत क्षेत्र में अपनी योजनाओं पर मदद चाहता है। ऐसे में पोम्पियो भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर देंगे।
  • पोम्पियो भारत से रक्षा खरीद बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं। अभी भारत अमेरिका से 24 एमएच-60 सीहॉक हेलीकॉप्टर, लंबी दूरी वाले 10 पी8एलविमान और 6 अधिक अपाचे-64 हेलीकॉप्टर खरीदने पर बात कर रहा है।
  • पोम्पियो और मोदी के बीच अफगानिस्तान में शांति को लेकर बातचीत संभव है। अफगानिस्तान में भारत ने कई योजनाओं में निवेश किया हुआ है। ऐसे में अफगानिस्तान को युद्धक्षेत्र बदलने के पीछे पाकिस्तान के प्रभाव पर भी बातचीत हो सकती है।

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