क्यों खास है अक्षय तृतीया में सोना खरीदना

स्पेशल डेस्क

हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत ही महत्त्व है। इसको लेकर राजधानी का सर्राफा बाजार सजने लगा है। इस बार यह पर्व सात मई को मनाया जायेगा। माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सौभाग्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन सोना खरीदने की प्रथा है।

हिन्‍दू कैलेंडर के मुताबिक बैसाख महीने की शुक्‍ल पक्ष की तृतीया को अक्षया तृतीया मनाई जाती है। इसको अखाती तीज भी कहते है। इस पर्व के दिन आभूषणों की खरीददारी करना शुभ माना जाता है। इसके लिए छूट का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। कई सर्राफा व्यवसायी मेकिंग चार्ज पर 25 से 30 प्रतिशत की छूट दे रहे है।

अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि, अक्षय तृतीया में ग्राहकों द्वारा आभूषणों की खरीदारी की जाती है। ग्राहक हल्के वजन में भारी लुक के साथ बेहतरीन डिजाइन में आभूषणों की खरीदारी कर सकते हैं।

वहीं सोने के आभूषणों की मेकिंग चार्ज पर 30 प्रतिशत और डायमंड के आभूषण के कुल मूल्यों पर 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। प्रत्येक खरीदारी पर निश्चित उपहार भी ग्राहकों को दिए जा रहे हैं।

शुभ मुहूर्त में खरीदें सोना

अगर आप को इस दिन सोना खरीदना है तो शुभ मुहूर्त में खरीदें। शुभ मुहूर्त में सोना खरीदना का समय सुबह सात बजे से शुरु होकर शाम के 11 बजे तक रहेगा।

परशुराम के जन्‍मदिवस के रूप में मनाते हैं

अक्षय तृतीया का पर्व भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन विष्णु जी के अवतार परशुराम का धरती पर जन्म हुआ था। इसी वजह से अक्षय तृतीया को परशुराम के जन्‍मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है। वहीं कुछ मानते है कि इस दिन मां गंगा पहली बार नदी के रुप स्वर्ग से धरती पर आई थीं। इसके साथ अक्षय तृतीया का दिन रसोई और भोजन की देवी अन्‍नपूर्णा का जन्‍मदिन भी माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन शादी से लेकर पूजा तक, सभी कार्य करना शुभ माने जाते हैं।

Related Articles

Back to top button