क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)? NIA की कार्रवाई के बाद चर्चा में आया आतंकी मॉड्यूल, जानें पूरी कहानी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 8 जुलाई को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली समेत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 20 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई में 11 आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। NIA का आरोप है कि ये लोग कथित तौर पर ISIS और AQIS जैसी प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा का ऑनलाइन प्रचार कर रहे थे, युवाओं का कट्टरपंथीकरण कर रहे थे और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हिंसक गतिविधियों के लिए लोगों को उकसा रहे थे।
RSS कार्यालय पर हमले की जांच से मिला सुराग
NIA के अनुसार, यह कार्रवाई 16 जून को झारखंड के रांची में RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई।
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को कथित तौर पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)’ नामक नेटवर्क और उसके विभिन्न राज्यों में फैले संपर्कों की जानकारी मिली। इन दावों की जांच जारी है।
क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)?
जांच एजेंसियों के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) एक कथित आतंकी मॉड्यूल है, जिसका इस्तेमाल भारत में अशांति फैलाने के लिए किए जाने का आरोप है।
एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तत्वों और पाकिस्तान मूल के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तान या संबंधित व्यक्तियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है नाम
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हाल के महीनों में TTH का नाम कई मामलों में सामने आया है। इनमें पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमले, दिल्ली में कथित ग्रैफिटी मामले, उत्तर प्रदेश ATS की कार्रवाई और रांची RSS कार्यालय हमले की जांच शामिल है।
इन मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं और कई मामलों में आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
एजेंसियों के अनुसार कैसे करता है भर्ती?
NIA और अन्य जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित मॉड्यूल सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए युवाओं से संपर्क करता है। शुरुआती दौर में ऑनलाइन प्रचार, पोस्टर और ग्रैफिटी जैसे कार्य कराए जाते हैं। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें आर्थिक लालच देकर नेटवर्क से जोड़ने और संवेदनशील स्थानों की रेकी जैसी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जाती है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के कुछ संचालक विदेशों, विशेष रूप से दुबई और पाकिस्तान से कथित तौर पर संपर्क बनाए रखते हैं। इन दावों की जांच जारी है।
किन ठिकानों को बनाया जा सकता है निशाना?
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित मॉड्यूल के निशाने पर निम्नलिखित संवेदनशील स्थान और लोग हो सकते हैं—
- RSS कार्यालय और अन्य वैचारिक संगठन
- पुलिस और सुरक्षा बलों के कर्मी
- सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े प्रतिष्ठान
- सैन्य और रेलवे से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकाने
- धार्मिक स्थल
- प्रमुख सार्वजनिक हस्तियां
जांच जारी, आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी
NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।



