Wednesday - 25 November 2020 - 7:58 AM

रूसी कोरोना वैक्सीन को लेकर क्या है अच्छी खबर ?

जुबिली न्यूज डेस्क

पूरी दुनिया कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रही है। दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द से जल्द कोई कारगर वैक्सीन लोगों को मिल जायेगी।

 

इस बीच रूस की कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। अगस्त माह में रूस ने दुनिया का पहला कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया था, लेकिन इस वैक्सीन को लेकर विवाद भी खूब हुआ। दुनिया भर के वैज्ञानिकों के अलावा अमेरिका सहित कई देशों ने इसका विरोध किया था कि इतने कम समय में आखिर कैसे वैक्सीन बना लिया गया। रूस में भी इस टीके की विश्वसनीयता पर सवाल उठा था।

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फिलहाल रूस की कोरोना वैक्सीन को लेकर जो खबर आ रही है वह यह है कि तीसरे चरण के ट्रायल में अब तक जो परिणाम सामने आए हैं, उसके मुताबिक रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-5 को सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है। करीब 85 फीसदी वॉलंटियर्स में इसका कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है।

द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जिन वॉलंटियर्स को स्पूतनिक-5 वैक्सीन का डोज दिया गया, उनमें 85 फीसदी वॉलंटियर्स में इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं देखने को मिला। इस बात की जानकारी वैक्सीन के डेवलपर्स ने दी है।

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रूस ने स्पूतनिक-5 वैक्सीन को मॉस्को के गामालया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के साथ मिलकर विकसित किया है, जिसका ऐलान फाइनल ट्रायल से पहले ही अगस्त महीने में किया गया। इस फाइलन ट्रायल में 40,000 वॉलंटियर्स शामिल हैं, जिनमें से 10000 को प्लासेबो दिए जाने की उम्मीद है।

मॉस्को स्थित गमालया के प्रमुख अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने सरकारी मीडिया को बताया कि रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-5 के दुष्प्रभावों में हल्के तापमान वाले बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल है। इस तरह के साइड इफेक्ट्स सिर्फ उन 15 फीसदी लोगों में पाया गया है, जिनमें ट्रायल के दौरान वैक्सीन दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 85 फीसदी लोगों ने कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-5 में कोई साइड इफेक्ट महसूस नहीं किया है या फिर टीका लगाने के बाद उनमें कोई शिकायत देखने को नहीं मिली है।

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