Saturday - 30 May 2020 - 2:01 AM

पानी संकट : दो अरब लोगों पर मंडरा रहा है कोरोना का खतरा

  • भारत में भी 5 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास नहीं है हाथ धोने के पर्याप्त साधन
  •  दुनिया में आज भी करीब 200 करोड़ लोगों के पास नहीं है साफ पानी की सुविधा

न्यूज डेस्क

विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचना है तो बार-बार अपने हाथ को साफ धोए।  कोरोना संक्रमण से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है, पर जिनके पास साफ पानी की सुविधा नहीं है वह क्या करेंगे? यह बड़ा सवाल है।

दुनिया में आज भी करीब 200 करोड़ लोगों के पास साफ पानी की सुविधा नहीं है। हर दिन कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है और दुनिया की करीब करीब एक चौथाई आबादी अभी भी साफ-सफाई जैसे बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ऐसे में गरीब देशों में इस वायरस के फैलने का सबसे ज्यादा खतरा है।

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चिंता बढ़ाने वाले ये आंकड़े इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन द्वारा किए गए एक शोध में सामने आया है। यह शोध जर्नल एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित हुआ है।

इस रिपोर्ट के अनुसार उप-सहारा अफ्रीका और ओशिनिया में करीब 50 फीसदी आबादी हैंडवाशिंग की सुविधा से वंचित है। जानकारों के मुताबिक इस महामारी के दौर में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बार-बार हाथ धोना जरुरी है। पर जब इतनी बड़ी आबादी के पास हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। यह स्थिति वाकई में चिंताजनक है।”

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भारत में भी 5 करोड़ लोग है साफ पानी से वंचित

इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 46 देशों की आधे से अधिक आबादी हाथ धोने की सुविधा से वंचित है।

वहीं भारत, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, नाइजीरिया, इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसे प्रत्येक देश की 5 करोड़ से ज्यादा आबादी के पास हाथ धोने के बुनियादी साधन जैसे पानी और साबुन उपलब्ध नहीं हैं।

ब्रेयर के अनुसार हाथ धोने के आभाव में हर साल करीब 7 लाख लोगों की मौत हो जाती है7 ऐसे में कोरोनावायरस इसके जोखिम को और ब?ा देगा7 हालांकि दुनियाभर में इससे निपटने के लिए हैंड सैनिटाइजर और वाटर ट्रक जैसे अस्थायी उपाय किये गए हैं7 पर वो काफी नहीं हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी उपाय करने होंगे।

 

रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की करीब 25 फीसदी आबादी के हाथ धोने की सुविधा नहीं है, पर 1990 से 2019 के बीच कई देशों में काफी सुधार आए हैं। जिन देशों में सुधार आया है उनमें सऊदी अरब, नेपाल और अफ्रीकी देश मोरक्को और तंजानिया शामिल हैं।  इन सभी देशों ने स्वच्छता के क्षेत्र में काफी सुधार किया है।

विश्व स्वस्थ्य संगठन ने भी हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर चेताया था कि यदि इस दिशा में प्रभावी कदम न उठाये गए तो कोविड-19 अफ्रीका में करीब 1,90,000 जिंदगियों को लील जायेगा, जबकि पहले साल में ही करीब 44 करोड़ लोग इस वायरस से संक्रमित हो जाएंगे।

भारत के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण का मामला भारत में एक लाख पार कर गया है। ऐसे में यदि साफ-सफाई का ध्यान न रखा गया और सोशल डिस्टन्सिंग जैसे नियमों का पालन न किया गया तो जल्द ही देश की एक बड़ी आबादी इसका शिकार बन जाएगी।

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